पंजाब में महा हड़ताल करने वाले मुलाजिमों पर आम आदमी पार्टी (AAP) कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। सरकार ने बिना परमिशन के ड्यूटी से गैरहाजिर मुलाजिमों की लिस्ट तलब कर ली है। इसके लिए सेक्रेटरी लेवल के अफसरों को आज का ही टाइम दिया गया है। सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। इस आदेश में सरकार का तर्क है कि इनके काम न करने की वजह से लोगों को परेशानी हुई। इस संबंध में कई जगहों से लोगों की शिकायतें आई हैं। अफसरों के ड्यूटी पर न होने की वजह से लोग परेशान हुए। उन पर सर्विस रूल्स के तहत कार्रवाई होगी। इससे पहले CM भगवंत मान ने भी मुलाजिमों को लेकर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने मुलाजिमों से जालंधर में एक बजे की मीटिंग तय की थी। उससे पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि हड़ताल खत्म करो, तभी बातचीत होगी। दोनों चीजें साथ नहीं चलेंगी। इसके बाद मुलाजिम मीटिंग करने गए तो सीएम ने उन्हें टाइम नहीं दिया। वहीं 7 लाख से ज्यादा मुलाजिमों-पेंशनर्स की महा हड़ताल की वजह से गुरूवार को सरकारी कामकाज ठप रहा। सरकारी दफ्तर, अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में OPD सेवाएं बंद रहीं। पठानकोट में यूनियन के जिलाध्यक्ष विशालवीर ने कहा कि धरना खत्म कर दिया, लेकिन सांझा मोर्चा के अगले आदेश तक हड़ताल जारी रहेगी। वहीं जालंधर में मुलाजिमों और पुलिस में धक्कामुक्की हुई। मुलाजिम यहां रोड जाम करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने उन्हें धक्के देकर हटाने की कोशिश की। जिसमें कुछ मुलाजिम सड़क पर बैठ गए। इधर, मोहाली सिविल अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे एक व्यक्ति ने बताया कि गार्ड ने उसे यह कहकर बाहर कर दिया कि आज हड़ताल है, अब कल आना। वहीं पठानकोट में नगर निगम दफ्तर, सिविल अस्पताल में ताले लटके मिले। अफसरों की कार चलाने वाले ड्राइवर भी हड़ताल में शामिल हैं। इसके चलते अधिकारियों को दफ्तर पहुंचने में परेशानी हुई। लुधियाना के DC भी सुबह साढ़े 9 बजे तक अपने कार्यालय नहीं पहुंचे थे। जालंधर में शाहकोट से 86 साल की रिटायर्ड टीचर रणधीर कौर धरना देने पहुंची है। सांझा मुलाजिम मंच पंजाब ने पहले सरकारी बसों के ड्राइवर-कंडक्टरों के हड़ताल में शामिल होने की घोषणा की थी। बुधवार को वित्त मंत्री के साथ बैठक के बाद उन्होंने रक्षाबंधन का हवाला देते हुए हड़ताल में शामिल नहीं होने का फैसला किया। इसलिए पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC की बसें चल रही हैं। वहीं कई जगह सरकारी स्कूल भी खुले हुए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सीएम जालंधर में व्यस्त थे, इसलिए बैठक जालंधर में शिफ्ट की गई है। कर्मचारी आज अपनी हड़ताल वापस ले लेंगे। कर्मचारी पंजाब के लोगों की भलाई के लिए हैं और उन्हें आम जनता को परेशान नहीं करना चाहिए। लोग टैक्स के रूप में पैसे देते हैं, इसलिए उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। महाहड़ताल से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…