लघु वृंदावन के नाम से मशहूर करौली में राधा अष्टमी का त्योहार श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। आराध्य देव मदनमोहन मंदिर में राधा रानी का पंचगव्य, मधुपर्क और सर्वौषधि से विधि-विधान से अभिषेक किया गया। विशेष पूजा और आरती के दौरान मंदिर परिसर राधा रानी के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भजन-बधाई गीत गाकर राधा जन्मोत्सव की खुशियां मनाईं। राधा अष्टमी पर मदन मोहन मंदिर में राधा रानी के विग्रह का पंचगव्य, मधुपर्क और जड़ी-बूटियों से बनी सर्वौषधि से अभिषेक हुआ। पंडित विष्णु कटारा ने मंत्रों के साथ अभिषेक कराया। मंदिर के पुजारी और गुसाई की मौजूदगी में किशोर, मनोज और बंकिम पुजारियों ने विधि-विधान से पूजा पूरी की। राधा रानी का हुआ खासा श्रृंगार अभिषेक के बाद राधा रानी की विशेष आरती हुई। इसके बाद राधा रानी और ललिता सखी का सुंदर श्रृंगार कर उन्हें खास पोशाक पहनाई गई। मंदिर प्रबंधन और दूसरे कर्मचारी भी इस दौरान वहां मौजूद थे। राधा अष्टमी पर मदन मोहन मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची। श्रद्धालुओं ने राधा रानी के जयकारे लगाए और भजनों पर नाचते हुए बधाई गीत गाए। मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति का माहौल बना रहा। मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु राधा अष्टमी पर करौली शहर के गोविंद देवजी, गोपालजी, नवल बिहारी, कैलादेवी, करणपुर समेत दूसरे राधा-कृष्ण मंदिरों में भी खास आयोजन हुए। मंदिरों को सजाया गया और पूजा के साथ भजन-कीर्तन व जन्मोत्सव कार्यक्रम हुए। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर राधा रानी की पूजा की। करौली जिला मुख्यालय पर 400 से ज्यादा छोटे-बड़े मंदिर हैं। शहर में ब्रज संस्कृति का गहरा असर होने के कारण यहां धार्मिक त्योहारों के दौरान खास भक्ति का माहौल देखने को मिलता है। इसी वजह से करौली को लघु वृंदावन के नाम से भी जाना जाता है।