सावन के बाद आधा भादो सूखा बीतने के बाद शुक्रवार को विदाई से पहले मानसून मेहरबान होने से शहर समेत गांवों में बारिश हुई। दोपहर तक बादल छाए, शाम को अचानक मौसम बदला और तेज बौछारों के साथ शाम छह बजे बारिश शुरू हुई। शहर में करीब पंद्रह मिनट तक बारिश से सड़कों पर पानी बहने लगा। बाड़मेर, गडरारोड, धनाऊ समेत कई इलाकों में बारिश हुई। लंबे इंतजार के बाद बारिश से मुरझा रही खरीफ फसलों को जीवनदान मिला। वहीं दिन के पारे में गिरावट से गर्मी से राहत मिली। शहर में 17 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अब तक 208 एमएम बारिश शहर में इस मानसून सीजन में औसतन 384 एमएम बारिश की आवश्यकता होती है, जिसके मुकाबले अब तक केवल 54 प्रतिशत कोटा ही पूरा हो पाया है। इस वर्ष अब तक कुल 208 एमएम बारिश दर्ज की गई है। यानि औसत के मुकाबले 46 फीसदी कम बारिश हुई है। इस स्थिति में अधिकांश इलाके सूखे की चपेट में है। दो दिन हल्की से मध्यम बारिश मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार क्षेत्र में बने मानसूनी सिस्टम और वायुमंडलीय दबाव के कारण अगले 24 से 48 घंटों में बादलों की सक्रियता बनी रहेगी। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ सकता है। अलनीनो की वजह से बाड़मेर में कम बारिश इस बार ला-नीनो के बजाय अलनीनों की स्थिति बनने से कम बारिश हुई। इस वजह से मानसून ट्रफ प्रदेश से दूर रहा। सीजन में इस बार मानसूनी हवाओं की ट्रफ लाइन ज्यादातर समय दक्षिण और मध्य भारत में केंद्रित रही। इससे बाड़मेर,जैसलमेर सहित राजस्थान तक नमी वाली हवाएं नहीं पहुंच सकीं। बंगाल की खाड़ी व अरब सागर से उठने वाले कम दबाव के क्षेत्र राजस्थान तक आते-आते कमजोर पड़ गए। इसलिए बारिश कम हुई।