उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बीच उदयपुर एयरपोर्ट पर 3 लाख 15 हजार 996 यात्री बढ़े हैं। इस अवधि में यहां यात्री संख्या 15 लाख 3 हजार 535 से बढ़कर 18 लाख 19 हजार 531 पर पहुंच गई है। यानी तीन वित्तीय वर्षों में एयरपोर्ट के यात्री ट्रैफिक में करीब 21 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई। देश के टॉप-50 व्यस्त एयरपोर्ट में उदयपुर 33वें नंबर पर यात्री संख्या बढ़ने के साथ उदयपुर एयरपोर्ट की राष्ट्रीय रैंकिंग में भी सुधार हुआ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 34वें स्थान पर रहने वाला महाराणा प्रताप एयरपोर्ट अब 33वें पायदान पर पहुंच गया है। राजस्थान की बात करें तो जयपुर एयरपोर्ट 13वें, उदयपुर 33वें और जोधपुर एयरपोर्ट 48वें स्थान पर रहा। एक साल में 1.68 लाख नए यात्री जुड़े उदयपुर एयरपोर्ट पर सिर्फ तीन साल का ग्राफ ही नहीं सुधरा, बल्कि पिछले दो वित्तीय वर्षों में भी बड़ा उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उदयपुर एयरपोर्ट पर कुल 16 लाख 50 हजार 607 यात्री दर्ज किए गए थे। इसके मुकाबले वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 18 लाख 19 हजार 531 हो गई। महज एक साल में ही 1 लाख 68 हजार 924 यात्री बढ़ गए, जो सीधे तौर पर 10.2 प्रतिशत की वार्षिक बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन तीनों एयरपोर्ट से कुल 85,37,232 यात्रियों ने हवाई सफर किया। कुल यात्री ट्रैफिक में जयपुर की हिस्सेदारी 65.91 प्रतिशत, उदयपुर की 21.31 प्रतिशत और जोधपुर की करीब 12.77 प्रतिशत रही। टियर-2 शहरों में उदयपुर का दबदबा देश के नॉन-मेट्रो और टियर-2 शहरों की श्रेणी में उदयपुर के महाराणा प्रताप एयरपोर्ट का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। यात्री भार के मामले में उदयपुर (18.19 लाख) ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट (15.81 लाख) को पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा गुजरात के प्रमुख औद्योगिक शहर सूरत एयरपोर्ट (18.14 लाख) और वडोदरा एयरपोर्ट (12.98 लाख) भी यात्री संख्या के मामले में उदयपुर से पीछे रहे हैं। पर्यटन के बड़े केंद्र पोर्ट ब्लेयर के वीर सावरकर एयरपोर्ट (18.16 लाख) से भी अधिक यात्री उदयपुर एयरपोर्ट पर दर्ज किए गए। राजस्थान के तीनों एयरपोर्ट्स की राष्ट्रीय स्तर पर सीधी तुलना राष्ट्रीय सूची में राजस्थान के तीनों हवाई अड्डों के बीच ट्रैफिक का बड़ा अंतर देखने को मिलता है। 13वें नंबर पर मौजूद जयपुर एयरपोर्ट (56.27 लाख) से उदयपुर एयरपोर्ट (18.19 लाख) करीब 38 लाख यात्रियों के अंतर से 20 पायदान नीचे 33वें स्थान पर है। वहीं 33वें स्थान पर मौजूद उदयपुर से जोधपुर एयरपोर्ट (10.90 लाख) 15 पायदान नीचे 48वें स्थान पर है। उदयपुर और जोधपुर के बीच करीब 7.28 लाख यात्रियों का फासला है। देश के टॉप-3 एयरपोर्ट: दिल्ली सबसे ऊपर, मुंबई और बेंगलुरु भी आगे एएआई के आंकड़ों के अनुसार, पूरे देश में यात्री आवागमन के मामले में दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहले स्थान पर रहा है। पर्यटन और वेडिंग सीजन का ट्रैफिक पर सीधा असर उदयपुर में यात्रियों की संख्या में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पीछे लेकसिटी का विंटर टूरिज्म, हेरिटेज डेस्टिनेशन और रॉयल वेडिंग्स मुख्य वजह हैं। अक्टूबर से मार्च के बीच उदयपुर एयरपोर्ट पर नियमित उड़ानों और चार्टर्ड विमानों की संख्या में भारी उछाल आता है। वहीं जयपुर सालभर बिजनेस और टूरिज्म दोनों का बड़ा हब रहने के कारण देश के टॉप-15 हवाई अड्डों में बना हुआ है। जोधपुर में भी हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट और मारवाड़ टूरिज्म के चलते 10 लाख से अधिक यात्रियों का सालाना ट्रैफिक बना हुआ है। वित्तीय वर्ष के आधार पर हुई तुलना इस पूरी रिपोर्ट में तुलना का आधार वित्तीय वर्ष को बनाया गया है। इसमें 2023-24 का अर्थ 1 अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 और 2025-26 का अर्थ 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि है। यह 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी किसी एक कैलेंडर वर्ष की नहीं, बल्कि पूरे वित्तीय वर्ष के यात्री ट्रैफिक के आधार पर आंकी गई है।