राजस्थान के ब्यूरोक्रेसी गलियारों में आज एक ऑर्डर की चर्चा जोरों पर है। पहली बार एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को ऑटोनोमस बॉडी (स्वायत्त निकाय) के चीफ पद पर नियुक्ति दी गई है। खास बात ये है कि जिस अधिकारी को इस पद पर नियुक्ति दी गई, वे एक महीने पहले ही इस पद से रिटायर हुईं थीं। एक महीने से यह पद खाली चल रहा था। न तो इस पर किसी अधिकारी की नियुक्ति की गई और न ही किसी को अतिरिक्त चार्ज दिया गया। मामला इसलिए भी चर्चा में है कि एक महीने से इस नियुक्ति को लेकर ब्यूरोक्रेसी में ही खींचतान चल रही थी। चर्चा है कि अगर इस तरह से अहम पदों (जहां परमानेंट आईएएस अधिकारी लगता है) पर पे-माइनस पेंशन पर रिटायर्ड अधिकारी को पुर्ननियुक्ति दी गई, तो एक नई परंपरा शुरू हो जाएगी। क्योंकि अब तक ​रिटायर्ड आईएएस को सवैंधानिक पदों पर ही नियुक्ति दिए जाने की परंपरा है। इन्हें मिली नियुक्ति पशु, गौपालन एवं डेयरी डिपार्टमेंट की ओर से बीती रात 12 बजकर 9 मिनट पर एक आदेश जारी किए गए। इसमें रिटायर्ड आईएएस श्रुति भारद्वाज को पे-माइनस पेंशन पर राजस्थान कॉ-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) में एमडी या सीईओ के पद पर नियुक्ति दी गई। ये नियुक्ति 6 महीने या उससे पहले सक्षम अधिकारी की नियुक्ति होने तक रहेगी। मजे की बात ये है कि इसी पद पर रहते हुए श्रुति भारद्वाज पिछले महीने 31 अगस्त को रिटायर्ड हुईं थीं, तब से विभाग ने इस अहम पद पर किसी अधिकारी को नियुक्ति नहीं दी और न ही किसी अधिकारी को इसका अतिरिक्त चार्ज दिया। लॉबिंग आई काम, आखिरी एक महीने बाद आदेश बताया जा रहा है कि इस आदेश के लिए दिल्ली कोटा के स्तर पर लॉबिंग की गई। हालांकि राज्य की मौजूदा ब्यूरोक्रेसी इसके विरोध में थी। लेकिन नगरीय निकाय की चुनाव आचार संहिता और विरोधी लॉबी के चलते आदेश जारी नहीं हो सके। आखिरकार पंचायत चुनाव की आचार संहिता लगने से कुछ समय पहले लॉबिंग काम आई और आदेश जारी हो गए। दो साल रही इसी पद पर इससे पहले श्रुति भारद्वाज करीब दो साल तक RCDF के एमडी पद पर रह चुकीं हैं और इसी पद से रिटायर्ड हुईं। सितंबर 2024 में सरकार ने इन्हें इस पद पर नियुक्ति दी थी, जिनका 31 अगस्त 2026 को इसी पद से रिटायरमेंट हुआ।