हरियाणा-हिमाचल की सीमा पर आधी रात हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा शुरू हो गया। राजस्थान के तिजारा नगर परिषद चेयरमैन चुनाव से पहले रविवार रात 9 बजे कांग्रेस व निर्दलीय 18 पार्षदों को चंडीमंदिर (सूरजपुर) टोल प्लाजा पर रोक लिया गया। आरोप है कि पुलिस उन्हें मोरनी हिल्स में एक रिसॉर्ट में ले गई। करीब 5 घंटे बाद उन्हें अंबाला के शाहबाद में छोड़ा गया, जहां से वे तिजारा रवाना हो गए। कांग्रेस ने इन पार्षदों को बाड़ेबंदी के लिए हिमाचल में रखा था। तिजारा ले जाते समय हरियाणा सीमा में एंट्री पर उन्हें रोके जाने का आरोप है। कांग्रेस नेता इमरान खान ने दावा किया कि बिना नंबर प्लेट/ढकी नंबर प्लेट वाली गाड़ियों में आए 25 पुलिसकर्मियों ने पार्षदों की बस और गाड़ियां रोकीं और उन्हें पिंजौर थाने ले गए। उनके पास AK-47 होने का भी दावा किया गया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने सुबह 7 बजे थाने के बाहर धरना दिया। मामला बढ़ने पर तिजारा कलेक्टर ने चेयरमैन चुनाव की वोटिंग का समय सुबह 11 से दोपहर 2 बजे के बजाय दोपहर 2 से शाम 6 बजे कर दिया। उधर, पंचकूला DSP रामकुमार ने कहा कि पुलिस ने किसी को नहीं रोका, पार्षद कहां थे इसकी जांच की जा रही है। थाने के बाहर कांग्रेस नेताओं और खड़ी गाड़ियों के PHOTOS चंडीमंदिर टोल पर पार्षद उठाने का दावा राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी किया पोस्ट तिजारा नगर परिषद का पूरा गणित तिजारा नगर परिषद का चुनावी समीकरण बेहद दिलचस्प है, जिसके कारण यह पूरी सियासी जंग छिड़ी हुई है: कुल वार्ड: 35 चुनाव के नतीजे आज होनी है वोटिंग, सस्पेंस बरकरार तिजारा में आज ही नगर परिषद के मुख्य पद के लिए वोटिंग होनी है। ऐसे में वोटिंग से ठीक कुछ घंटे पहले बहुमत वाले पार्षदों का इस तरह 'गायब' होना तिजारा की सियासत में बड़ा उलटफेर कर सकता है। अब देखना होगा कि क्या ये पार्षद समय पर वोटिंग के लिए तिजारा पहुंच पाते हैं या नहीं। मामले के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं….