राजस्थान में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने दो फर्जी डॉक्टरों को पकड़ा है। इनमें से एक आरोपी 8वीं पास है, आरोपी ने जिस हॉस्पिटल में 4 साल तक काम किया उसे ही खरीद लिया। डॉक्टरों के साथ मरीजों का ऑपरेशन भी करने लगा। इस मामले में एसओजी ने 7 अन्य आरोपियों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की है। एडीजी (SOG) विशाल बंसल ने बताया- फेक MBBS डिग्री और डिप्लोमा इन गायनेकोलॉजी एवं ऑब्सेटेट्रिक्स लेकर राजस्थान में बने डॉक्टर्स के गिरोह का भंडाफोड़ किया गया है। गिरफ्तार आरोपी पंकज यादव (30) सीकर और नानजी राम चौधरी (45) जालोर निवासी हैं। पंकज को हरियाणा के कैथल और नानजी राम को जालोर के रानीवाड़ा से पकड़ा गया। इसके अलावा फेक डॉक्टर्स शांतनु कुमार चारण, दीपक चौधरी, देवेन्द्र नेहरा, गीता कुमारी, महेश कुमार गुर्जर, सरीमूल मजूमदार और राम किशोर महावर के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच में सामने आया कि जालोर निवासी नानजी राम चौधरी केवल 8वीं पास है। आरोपी ने वर्ष 2010 से 2014 के बीच रानीवाड़ा में एक डॉक्टर के पास ओपीडी काउंटर पर पर्चियां काटीं, फिर कपड़े की दुकान पर काम किया। 2015-16 में उसने उसी अस्पताल को खरीद लिया और उसका नाम बदलकर भास्कर हॉस्पिटल कर दिया। कानपुर और मुंबई से बनवाए फर्जी सर्टिफिकेट SOG की जांच में सामने आया कि आरोपी नानजी राम चौधरी ने आंध्र प्रदेश बोर्ड से 10वीं-12वीं, रामा यूनिवर्सिटी कानपुर से फर्जी MBBS और मुंबई के एक कॉलेज से फर्जी DGO (डिप्लोमा इन गायनेकोलॉजी) के सर्टिफिकेट बनवाए। साल-2014 में वह रानीवाड़ा स्थित राजदेव हॉस्पिटल में ओपीडी काउंटर पर पर्चियां काटने का काम करने लगा। इसके बाद राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के तत्कालीन स्टाफ से सांठगांठ कर डॉक्टर के रूप में पंजीयन करा लिया। अस्पताल को 100 बेड का बनाकर खुद डॉक्टरों की टीम के साथ ऑपरेशन करने लगा। सत्यापन करवाने पर आरोपी नानजी राम के डीजीओ डिप्लोमा सर्टिफिकेट, अलॉटमेंट लेटर, पासिंग सर्टिफिकेट और अटेम्ट सर्टिफिकेट फेक पाए गए। 6 बार FMG में फेल, फिर बिहार से बनवाई फर्जी डिग्री दूसरा आरोपी पंकज यादव 2013 से 2018 के बीच कजाकिस्तान से मेडिकल की पढ़ाई करके लौटा था। भारत में प्रैक्टिस के लिए जरूरी फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन (FMG) में वह लगातार 6 बार फेल हुआ। इसके बाद उसने बिहार के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज की फर्जी एमबीबीएस डिग्री, मार्कशीट और बिहार मेडिकल काउंसिल का फर्जी रजिस्ट्रेशन तैयार करवाकर RMC में रजिस्ट्रेशन हासिल कर लिया। बिहार मेडिकल काउंसिल व मेडिकल कॉलेज से सत्यापन करवाने पर रजिस्ट्रेशन नहीं होने पर डिग्री व मार्कशीट को फेक पाया गया। एसओजी में दर्ज FIR हुई ट्रांसफर जयपुर के अशोक नगर थाने में 14 अक्टूबर को राजस्थान मेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार डॉ. गिरिधारी गोपाल ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल में फेक डॉक्यूमेंट से रजिस्टर्ड डॉक्टरों को लेकर FIR दर्ज करवाई थी। जिसके बाद मामला SOG को ट्रांसफर किया गया। काउंसिल ने सभी फर्जी रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिए हैं। इसके साथ ही फर्जीवाड़े में मदद करने वाले RMC के तत्कालीन पदाधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।