राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों में अटके मामलों को लेकर राज्य सरकार को जरूरी निर्देश दिए हैं। जस्टिस उमा शंकर व्यास और जस्टिस समीर जैन की बेंच के सामने सरकार ने भरोसा दिलाया कि जिन अध्यक्षों और सदस्यों को हटाया गया था, उन्हें तय उम्र तक फिर से काम पर लिया जाएगा। सरकार ने बताया कि बेंच के 18 मार्च और 9 जुलाई के फैसलों के मुताबिक, जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों को 65 साल की उम्र तक नहीं हटाया जाएगा। वहीं राज्य उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष को 67 साल की उम्र तक नहीं हटाया जाएगा। जिन अधिकारियों को पहले हटाया गया था, उन्हें अगली सुनवाई तक नियमों के हिसाब से वापस काम पर लेने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर वरिष्ठ वकील आनंद पुरोहित, अनिल भंडारी, वी.डी. दाधीच और दिनेश चौधरी ने बताया- राज्य के उपभोक्ता आयोगों में 56 हजार से ज्यादा मामले अटके हुए हैं। उन्होंने दफ्तर के कर्मचारियों, खासकर स्टेनोग्राफरों की कमी दूर करने और तुरंत भर्तियां करने की मांग की। सदस्य का पद खाली होने से काम पर पड़ रहा असर वकीलों ने कहा- REAT की जोधपुर बेंच में सदस्य का पद खाली होने से करीब डेढ़ महीने से अदालती काम पर असर पड़ रहा है। इस पर एडिशनल एडवोकेट जनरल राजेश पंवार ने दो हफ्ते में सदस्य की नियुक्ति का भरोसा दिया। बेंच ने खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि 5 अक्टूबर की सुनवाई से पहले जरूरी कार्रवाई पूरी करें। अगर आदेशों का पालन नहीं हुआ तो उन्हें खुद या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होना होगा।