राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजय के. अग्रवाल और न्यायाधीश बलजिंदर सिंह संधू की खंडपीठ ने खुद संज्ञान लेकर दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई की। राज्य सरकार ने बताया कि कोटा, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर पांचों जिलों के लिए विकास प्राधिकरण अपीलीय अधिकरणों का गठन हो चुका है, लेकिन पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति नहीं हुई है। सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। इस पर खंडपीठ ने सरकार को संबंधित पदों पर नियुक्ति के लिए दो महीने का समय दिया। कोर्ट ने कहा- कोटा, उदयपुर, भरतपुर, बीकानेर और अजमेर में गठित अधिकरणों के सही संचालन के लिए नियुक्तियां जरूरी हैं। मामले की अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद पुरोहित, अधिवक्ता अनिल भंडारी, दिलीप सिंह उदावत, शीतल कुंभट और सीएस जोधा मौजूद थे। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने अपनी बात रखी।