वैदिक कन्या पीजी महाविद्यालय राजापार्क की ओर से आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘श्रीजन’ के पोस्टर का शुक्रवार को जयपुर के वरिष्ठ समाजसेवी हरिशंकर बीलवाल ने विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने सम्मेलन की थीम को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए समग्र कल्याण यानी वेल-बीइंग की अवधारणा पर व्यापक चर्चा और सार्थक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। 26-27 अक्टूबर को होगा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘श्रीजन’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 26 और 27 अक्टूबर को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) जयपुर में किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य विषय ‘द पर्स्यूट ऑफ वेल-बीइंग इन द 21st सेंचुरी’ रखा गया। इसमें 21वीं सदी में बेहतर जीवन, व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण और बदलती परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन की थीम ‘चैलेंजेज, चॉइसेज एंड पॉसिबिलिटीज’ यानी चुनौतियां, विकल्प और संभावनाएं हैं। इसके तहत समग्र कल्याण के विभिन्न पहलुओं के साथ वर्तमान समय में उपलब्ध विकल्पों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। वक्ताओं से सीधे संवाद कर सकेंगे विद्यार्थी सम्मेलन में बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों और वक्ताओं के सत्र आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को वक्ताओं के विचार सुनने के साथ उनसे सीधे सवाल-जवाब और संवाद करने का अवसर भी मिलेगा। इससे स्टूडेंट को समग्र कल्याण से जुड़े विषयों को समझने, अपने विचार साझा करने और नए दृष्टिकोण जानने का मौका मिलेगा। समग्र कल्याण पर सार्थक संवाद की जरूरत पोस्टर विमोचन के अवसर पर हरिशंकर बीलवाल ने कहा- वेल-बीइंग की अवधारणा को व्यापक नजरिए से समझना आवश्यक है। इससे जुड़ी चुनौतियों, उपलब्ध विकल्पों और नई संभावनाओं पर सार्थक संवाद को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि व्यक्ति और समाज के कल्याण से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार किया जा सके। इस अवसर पर वैदिक कन्या पीजी महाविद्यालय के डायरेक्टर पंकज जोशी, कीर्ति जोशी, प्रियंका, डॉ. नेहा खत्री, राघव जोशी सहित फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।