राजस्थान में सरकारी डॉक्टर बनने की राह इस साल बेहद चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। मेडिकल डेंटल काउंसलिंग बोर्ड, जयपुर की ओर से 85 प्रतिशत स्टेट कोटा की संशोधित सामूहिक मेरिट लिस्ट जारी की गई है। इससे साफ हो गया है कि राज्य में एक-एक सीट के लिए स्टूडेंट में जबरदस्त कंपीटिशन है। राउंड एक की मेरिट लिस्ट में कुल 14,069 पात्र अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि राजस्थान में सरकारी एमबीबीएस और बीडीएस सीटों पर दाखिले की प्रतिस्पर्धा इस बार अपने चरम पर है। राज्य सूची में पहला स्थान हासिल करने वाले टॉपर ने 720 में से 667 नंबर यानी ऑल इंडिया रैंक- 628 हासिल की है। आंकड़े बताते हैं कि 34 विद्यार्थियों ने 650 से अधिक अंक हासिल किए हैं, जबकि 600 से अधिक अंक अर्जित करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 1,322 तक पहुंच गई है। लड़कों का दबदबा: औसत नंबर में भी आगे निकले मेल कैंडीडेट्स मेरिट लिस्ट का सबसे दिलचस्प पहलू छात्र और छात्राओं के बीच का अंतर है। आंकड़ों के अनुसार, इस बार राजस्थान की मेरिट सूची में लड़कों का पूरी तरह दबदबा दिखाई दे रहा है। कुल सूची में जहां 53% मेल कैंडीडेट्स हैं, वहीं फीमेल कैंडीडेट्स की भागीदारी 47% रही है। इतना ही नहीं, प्रदर्शन के मामले में भी लड़कों ने बाजी मारी है। जहां फीमेल कैंडीडेट्स का औसत प्राप्तांक 450/720 रहा, वहीं मेल कैंडीडेट्स ने 472/720 का औसत अंक हासिल कर बढ़त बनाए रखी। 462 का औसत बता रहा कट-ऑफ का इशारा पूरी मेरिट सूची का औसत प्राप्तांक 462/720 दर्ज किया गया है। देव शर्मा का कहना है कि इतना अधिक औसत अंक इस बात का सीधा प्रमाण है कि राजस्थान के विद्यार्थियों का ओवरऑल स्कोर काफी मजबूत रहा है। यही वजह है कि प्रथम चरण की काउंसलिंग में ही कट-ऑफ काफी ऊंची जाने के आसार हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी चॉइस फिलिंग और कॉलेज का चयन बेहद सोच-समझकर करें।