भाजपा से निष्कासित राकेश भाटी ने शनिवार को जयपुर में कांग्रेस जॉइन कर ली। इस दौरान उनके साथ पाली विधायक भीमराज भाटी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह राजपुरोहित भी मौजूद रहे। जिन्होंने कांग्रेस का दुपट्टा‌ पहनाया गया। उनके कांग्रेस जॉइन करने से निगम चुनाव के समीकरण में भी बदलाव देखा जा सकता है। कई सालों से बीजेपी में सक्रिय, पत्नी भी सभापति रही बता दें कि राकेश भाटी पिछले कई सालों से भाजपा में सक्रिय रहे है। उनकी पत्नी रेखा भाटी गत बोर्ड में भाजपा से सभापति बनी थी। लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान उनके और पाली के पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख के बीच विवाद चला था। वहीं भाजपा पार्षदों ने भी सभापति रेखा भाटी पर आरोप लगाया था कि उनके कार्यकाल में भाजपा के पार्षदों के वार्डों में भी काम नहीं हो पा रहा था। पूर्व विधायक पारख और राकेश भाटी ने खुले मंच पर एक-दूजे पर तंज भी कसे थे। इस विवाद के चलते बाद में राकेश भाटी और उनकी सभापति पत्नी रेखा भाटी को भाजपा से निष्कासित कर दिया गया था। 5 बार पार्षद रहे राकेश भाटी भाजपा से लंबे समय से जुड़े रहे। वे पांच बार पार्षद का चुनाव जीत चुके है। साल 1999, साल 2004, साल 2009, साल 2014 और साल 2019 में पार्षद रहे। साल 2007 में साढ़े तीन महीने के लिए सभापति नगर परिषद भी रहे। साल 2004 में उपसभापति भी रहे। साल 2009 में नगर परिषद प्रतिपक्ष नेता रहे। पूर्व विधायक को बताया बीजेपी छोड़ने का कारण बीजेपी छोड़ने की बात पर राकेश भाटी ने कहा- जनता की समस्या को लेकर वे जयपुर गए थे। लेकिन पूर्व विधायक उनके खिलाफ षड्यत रचा और पार्टी से उसके और उसके पत्नी रेखा भाटी दोनों को निष्कासित करवा दिया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और सांसद पीपी चौधरी से भी संपर्क किया लेकिन पार्टी में वापस नहीं लिया गया। ऐसे में कांग्रेस जॉइन की। और अब कांग्रेस के झंडे के नीचे रहकर पालीवासियों की सेवा करूंगा।