राजस्थान में शनिवार को पंचायत चुनावों की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लग गई। राज्य निर्वाचन आयोग 4 चरणों में चुनाव संपन्न कराएगा। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के पहले चरण के तहत 23 अक्टूबर, दूसरे चरण में 29 अक्टूबर, तीसरे चरण में 4 नवंबर, चौथे चरण में 14 नवंबर को वोटिंग होगी। 20 नवंबर को परिणाम आएंगे। 37 जिलों में 25 नवंबर को जिला प्रमुख और 27 नवंबर को प्रधान का चुनाव होगा। 26 नवंबर को उपजिला प्रमुख और 28 नवंबर को उपप्रधान का चुनाव होगा। कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में प्रमुख और प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर 2026 में पूरा होगा। यहां जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव बाद में होगा। हालांकि जिला परिषद के मेंबर और पंचायत समिति मेंबर के चुनाव अन्य जिलों के साथ ही होंगे। इसी प्रकार सरपंचों के चुनाव भी 4 चरणों में होंगे। पहले चरण में 25 अक्टूबर, दूसरे चरण में 31 अक्टूबर, तीसरे चरण में 6 नवंबर और चौथे चरण में 16 नवंबर को वोटिंग होगी। तीसरे चरण में 3605 ग्राम पंचायतों में धरतेरस पर वोटिंग होगी। वोटिंग के दिन ही देर रात तक नतीजे घोषित होंगे। पंचायतीराज चुनाव में 51.82% पुरुष और 48.18% महिला वोटर हैं। 41 जिलों में जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख वोटर और जैसलमेर में सबसे कम वोटर 4.36 लाख हैं। महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। वहीं इस बार मतदाताओं को दो दिन में ही दूसरी बार वोट डालना पड़ेगा। जिला परिषद सदस्य और पंचायत समित सदस्य का मतदान एक साथ होगा। वहीं इसके दो दिन बाद पंच-सरपंच का चुनाव होगा। राजस्थान में कुल कितने मतदाता डालेंगे वोट… चुनाव में बैलेट और ईवीएम से होंगे चुनाव… कौनसे चरण में कहां होगा चुनाव… जयपुर में चार चरण में होंगे चुनाव राजस्थान के 37 जिलों में 50 दिन तक चुनावी प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 अक्टूबर से 28 नवंबर तक पंचायतीराज चुनाव के अलग-अलग चरण होंगे। जयपुर में सबसे ज्यादा चार चरण में चुनाव होंगे। जैसलमेर, फलोदी और सलूंबर में एक चरण में, झुंझुनूं, करौली, सीकर, बांसवाड़ा, बीकानेर, जालोर और उदयपुर में तीन चरण और 30 जिलों में दो चरण में चुनाव होंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य और प्रमुख-प्रधान का पिछला रिजल्ट… ग्रामीण इलाकों में उद्घाटन,शिलान्यास नहीं होंगे आयोग के चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण इलाकों में आचार संहिता लग गई। तबादलों पर पाबंदी लग गई। मंत्री अब अपने इलाकों में सरकारी गाड़ी से नहीं जा सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस व डाक बंगलों में नहीं ठहर सकेंगे। सरकार नई योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी। पहले से चल रहे काम जारी रह सकेंगे, जिन टेंडरों का काम पहले से प्रक्रिया में है, उन पर रोक नहीं होगी। आचार संहिता में ऐसी कोई सरकारी घोषणा नहीं हो सकती जिससे वोटर प्रभावित हो। 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे इन चुनावों में 1.69 लाख नए पंचायतीराज जनप्रतिनधि चुने जाएंगे। 1403 जिला परिषद मेंबर और 8245 पंचायत समिति मेंबर के चुनाव होंगे। 14403 ग्राम पंचायतों में सरपंच-उपसरपंच और 1.30 लाख वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट के जरिए होने हैं। पंचायत समिति मेंबर मिलकर 457 पंचायत समितियों में प्रधानों का चुनाव करेंगे। 80 हजार से ज्यादा महिलाएं पंचायतीराज जनप्रतिनिधि बनेंगी पंचायतीराज चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण है। 1.69 लाख में से आधी महिलाएं चुनकर आएंगी। 14403 ग्राम पंचायतों में 7200 महिला सरपंच, 7200 म​हिला उपसरपंच और 65 हजार महिला वार्ड पंच बनेंगी। सरपंचों में एसटी के 3058, एससी के 2493 और ओबीसी के लिए 1961 पद आरक्षित ​है। वार्ड पंचों के 1.30 लाख पदों में से 21,962 वार्ड एससी, 19,117 एसटी और 15 हजार वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित हैं। ….. जिलों के चुनाव का शेड्यूल यहां क्लिक कर पढ़ें… जयपुर | जोधपुर | उदयपुर | कोटा | अजमेर | अलवर | सीकर | बीकानेर | भरतपुर | नागौर | जालोर | भीलवाड़ा | बांसवाड़ा | दौसा | बाड़मेर | चित्तौड़गढ़ | सवाईमाधोपुर | झुंझुनूं | खैरथल-तिजारा | चूरू | बारां | डीग | धौलपुर | सलूंबर | फलोदी | बालोतरा | करौली | झालावाड़ | हनुमानगढ़ | पाली | राजसमंद | जैसलमेर | सिरोही | बूंदी | श्रीगंगानगर | प्रतापगढ़ | टोंक | डीडवाना-कुचामन | कोटपूतली-बहरोड़ | ब्यावर | डूंगरपुर …. ये खबर भी पढ़ें… सरपंच और प्रधान कौन बन पाएंगे:शौचालय नहीं तो नहीं लड़ पाएंगे चुनाव! 2 से ज्यादा बच्चे और 8वीं फेल का क्या होगा? जानिए-क्या दस्तावेज चाहिए CM भजनलाल थे सरपंच, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा प्रधान:किरोड़ी, जूली और विश्वेंद्र सिंह जिला प्रमुख; पंचायत चुनावों से कई दिग्गज चढ़े सत्ता की सीढ़ी