खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल करने के लिए फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार करवाने के मामले में राजस्थान SOG ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। SOG ने फर्जी खेल प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने वाले दलाल ओमप्रकाश कस्वां (35) निवासी ग्राम जोगलसर, थाना सांड़वा, जिला चूरू को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक अभ्यर्थी से 7 लाख रुपए लेकर राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिता का फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करवाकर दिया था। 38 अभ्यर्थियों ने लगाए थे ताइक्वांडो के प्रमाण-पत्र एडीजी एसओजी राजस्थान विशाल बंसल ने बताया कि कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर ने 2022 में तृतीय श्रेणी शिक्षक (लेवल-1) भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। भर्ती में खेल कोटे से 2 प्रतिशत अभ्यर्थियों का चयन होना था। जांच के दौरान सामने आया कि इस भर्ती में 38 अभ्यर्थियों ने ताइक्वांडो खेल प्रमाण-पत्रों के आधार पर चयन सूची में स्थान हासिल किया था। चयन के बाद इन अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग की चयन समिति के समक्ष राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं के प्रमाण-पत्र प्रस्तुत किए थे। SOG की जांच में इन प्रमाण-पत्रों की सत्यता पर सवाल उठे और कथित तौर पर दलालों के माध्यम से फर्जी प्रमाण-पत्र हासिल कर सरकारी नौकरी पाने की कोशिश का खुलासा हुआ। मामले की जांच के दौरान ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर की नियुक्ति शाखा को भेजे गए ई-मेल की जांच की गई। इसमें फर्जी और कूटरचित ई-मेल आईडी के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। इस संबंध में SOG थाना जयपुर में साल 2024 में मामला दर्ज किया गया। फर्जी ई-मेल आईडी के जरिए सत्यापन रिपोर्ट भेजने वाले आरोपी विमलेश दुबे कुमार झा और उसके साथी कमल सिंह को SOG पहले ही 7 मई 2025 को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज चुकी है। 21 अभ्यर्थी, 3 सहयोगी और 3 दलाल पहले गिरफ्तार जांच आगे बढ़ने पर 38 नामजद अभ्यर्थियों और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। राजस्थान में स्थानीय पुलिस के सहयोग से 12, 13 और 16 मार्च 2026 को की गई कार्रवाई में 21 अभ्यर्थी/आरोपी, 3 सहयोगी और 3 दलाल पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब जांच में सामने आए नए तथ्यों के आधार पर SOG ने ओमप्रकाश कवां को गिरफ्तार किया है। बबीता जाखड़ से लिए थे 7 लाख रुपए SOG के अनुसार, मामले में पहले गिरफ्तार आरोपी बबीता जाखड़ से पूछताछ में ओमप्रकाश कवां की भूमिका सामने आई। जांच में पता चला कि बबीता ने करीब चार वर्ष पहले खेल कोटे से तृतीय श्रेणी शिक्षक की सरकारी नौकरी हासिल करने के उद्देश्य से ओमप्रकाश कवां से संपर्क किया था। उसने ओमप्रकाश को 7 लाख रुपए दिए थे। इसके बदले ओमप्रकाश ने वर्ष 2016-17 में आयोजित 8th National Senior Man Woman Taekwondo Championship का फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करवाया। यह प्रतियोगिता 17 से 19 फरवरी 2017 तक विशाखापट्टनम के स्वर्ण भारती इंडोर स्टेडियम में आयोजित बताई गई थी। 5 लाख रुपए जीजा को देकर बनवाया प्रमाण-पत्र जांच में सामने आया कि ओमप्रकाश कवां ने बबीता से मिले 7 लाख रुपए में से 5 लाख रुपए अपने जीजा रामचंद्र, निवासी डेह, नागौर को दिए थे। आरोप है कि रामचंद्र की मदद से फर्जी ताइक्वांडो प्रमाण-पत्र तैयार करवाया गया और बाद में इसे बबीता को उपलब्ध कराया गया। बबीता ने इसी प्रमाण-पत्र की फोटो कॉपी कर्मचारी चयन बोर्ड, जयपुर और शिक्षा निदेशालय, बीकानेर में जमा कर सरकारी नौकरी हासिल करने का प्रयास किया। अब फर्जी प्रमाण-पत्रों के पूरे नेटवर्क की तलाश SOG की कार्रवाई के बाद अब जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि ओमप्रकाश कवां ने कितने अभ्यर्थियों को फर्जी खेल प्रमाण-पत्र उपलब्ध करवाए और इस नेटवर्क में उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे। पुलिस पूछताछ में फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करवाने, उपलब्ध कराने और सरकारी भर्ती में इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों के संबंध में अहम जानकारी सामने आने की संभावना है।