अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का जिला स्तरीय दो दिवसीय अधिवेशन शहर के एक रिसोर्ट में संपन्न हुआ। इसमें दो महत्वपूर्ण सत्र हुए। इनमें तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर, 2022 में नियुक्त शारीरिक शिक्षकों का स्थायीकरण और शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति दिलाना शामिल था। दूसरे दिन के पहले सत्र में सांगठनिक चर्चा हुई। इसमें जिला और सभी खंडों की नई कार्यकारिणी का अभिनंदन किया गया। कोटा संभाग की महिला संगठन मंत्री वंदना पाटीदार मुख्य अतिथि थीं। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने की। जिला संगठन मंत्री प्रदीप यादव ने संगठन की आगामी कार्य योजना बताई। इस सत्र के दौरान जिले के सभी खंड अध्यक्षों ने जिला अधिवेशन के लिए जुटाई गई सहयोग राशि का ब्यौरा दिया। उन्होंने संगठन को मजबूत करने पर अपने विचार रखे। इस मौके पर जिले और सभी खंडों की नई कार्यकारिणी के सदस्यों का संगठन पदाधिकारियों ने उपरना पहनाकर स्वागत किया। अधिवेशन में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। इनमें तृतीय श्रेणी शिक्षकों के ट्रांसफर, 2022 में नियुक्त शारीरिक शिक्षकों का स्थायीकरण और शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से मुक्ति दिलाना शामिल था। जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि 4 अक्टूबर को जिला स्तर पर महिला संगोष्ठी होगी। इसके साथ ही गुरु तेग बहादुर जी की 300वीं जयंती पर जिला स्तर पर प्रकाश पर्व का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले के सभी शिक्षक हिस्सा लेंगे। अधिवेशन के आखिरी सत्र में संभाग महिला संगठन मंत्री वंदना पाटीदार और एडीईओ माध्यमिक रामप्रकाश मीणा मुख्य अतिथि रहे। वंदना पाटीदार ने कहा कि अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एक वैचारिक संगठन है। यह राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षाहित में शिक्षक और शिक्षकहित में समाज के मूल मंत्र पर काम करता है। संगठन का लक्ष्य शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना है। मंच का संचालन जिला मंत्री मनोज जैन ने किया।