राजस्थान शिक्षक संघ (अम्बेडकर) का जिला स्तरीय दो दिवसीय शैक्षिक अधिवेशन का समापन स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूल देसूरी में हुआ। अधिवेशन में डिजिटल शिक्षा पर चर्चा हुई। शिक्षकों के डिजिटल होने की जरूरत पर भी बात हुई। जिला महामंत्री सुरेश भाटी ने बताया कि अधिवेशन में शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों पर विचार-विमर्श हुआ। शिक्षकों की समस्याओं के समाधान पर चर्चा हुई। विद्यार्थी-शिक्षक समन्वय सहित कई शैक्षिक विषय रखे गए। वार्ताकार टेकाराम, ललित मोबारसा ने छात्र-शिक्षक समन्वय और डिजिटल शिक्षा पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में सहायक निदेशक डी.आर. मेघवाल, एल.आर. वाघेला, डॉ. एन.के. राजा, प्रदेश प्रतिनिधि ललितेश मेघवाल, प्रधानाचार्य कालूराम इनकिया, मोहनलाल हटेला का बहुमान किया। वक्ताओं ने बदलती शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भूमिका पर भी बात रखी। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर चर्चा हुई। शिक्षा में नवाचार और तकनीक के उपयोग पर विचार रखे गए। शिक्षकों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी सामने रखे। आयोजन में जिला संरक्षक बस्तीमल सोनल, जिलाध्यक्ष रमेश रेगर, जिला उपाध्यक्ष प्रकाशचंद मोबारसा देसूरी, सभी ब्लॉक पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष चत्रभुज वर्मा देसूरी, दिनेश मेन्सन बाली, हेमलता मारवाड़ जंक्शन, मोहनलाल भटनागर रानी, रतन पनुसा सोजत, खीमाराम पारगी पाली, कल्लाराम बामनिया रोहट, केनाराम बिरामी सुमेरपुर सहित शिक्षक साथियों की भूमिका रही। जिला महामंत्री सुरेश भाटी ने अतिथियों और शिक्षकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शैक्षिक अधिवेशन शिक्षकों को मंच देते हैं। शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर सार्थक संवाद का अवसर देते हैं।