राजगढ़ पालिका चुनाव को लेकर में बुधवार को मतदान हुआ। सुबह से ही कई बूथों पर मतदाताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कई बूथों पर युवा, युवतियां, महिलाएं, बुजुर्ग और पहली बार मतदान करने वाले मतदाता अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। सुबह 10 बजे तक 24.16% मतदान हुआ। बाद में मतदान की रफ्तार बढ़ी और दोपहर एक बजे तक 50.40 तथा तीन बजे तक 64.29% और शाम छह बजे तक 77.98 फीसदी मतदान हुआ। रिटर्निंग अधिकारी डॉ. मनोज खेमादा सहित पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने अलग-अलग बूथों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। राजगढ़ पालिका में 2019 के चुनाव में 80.61 प्रतिशत, 2014 में 81 प्रतिशत, 2009 में 75.25 प्रतिशत और 2004 में 77.03 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार शहर में कुल 46,782 मतदाता थे। पालिका के 40 वार्डों में चुनाव लड़ रहे 226 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य ईवीएम में कैद हो गया। इनमें कांग्रेस के 33, भाजपा के 29, बसपा के 14 तथा 150 निर्दलीय उम्मीदवार शामिल हैं। शहरी सरकार चुनने के लिए दिव्यांग और वृद्ध मतदाताओं में भी उत्साह देखने को मिला। कई जगह पर परिजन दिव्यांग मतदाताओं को व्हीलचेयर से मतदान केंद्र लेकर पहुंचे। बुजुर्गों को परिजनों ने सहारा देकर बूथ तक पहुंचाया। मतदान के दौरान जनप्रतिनिधि भी शहर के विभिन्न वार्डों में घूमते नजर आए। सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों ने कई वार्डों में पहुंचकर मतदान प्रक्रिया का जायजा लिया। वार्ड 21 के नरहड़ियान पंचायत स्थित बूथ केंद्र पर करीब दो फीट हाइट के अकरम व्हील चेयर के सहारे मतदान करने के लिए पहुंचे। अकरम के शरीर का कमर से ऊपर का हिस्सा कुछ ठीक है, लेकिन पैर सिर्फ नौ से 10 इंच के हैं।