राजसमंद जिले की सीमा से सटे चिरवा के पास बिकरनी गांव स्थित संत आश्रम में उस समय अनोखा नजारा देखने को मिला, जब चूहों का शिकार करने पहुंचा एक कोबरा सांप खुद पिंजरे में कैद हो गया। दरअसल, दिगंबर खुशाल भारती महाराज की गौशाला के ऊपर बने आश्रम में चूहों को पकड़ने के लिए एक पिंजरा लगाया गया था। पिंजरे में चूहों को आकर्षित करने के लिए रोटी रखी गई थी। रात के समय रोटी खाने पहुंचे तीन चूहे पिंजरे में कैद हो भी गए थे, लेकिन तभी कोबरा ने वहां पहुंचकर पिंजरे में मौजूद तीनों चूहों को निगल लिया, इसके बाद वह खुद पिंजरे से बाहर नहीं निकल सका। सुबह आश्रम के सेवकों ने सांप को पिंजरे में फंसा देखा तो इसकी सूचना पिपरड़ा निवासी वन्यजीव प्रेमी नवीन गहलोत को दी। सूचना मिलते ही नवीन गहलोत चिरवा स्थित शृंगऋषि आश्रम पहुंचे। उन्होंने कोबरा को पिंजरे से बाहर निकाला और प्लास्टिक के डिब्बे में बंद कर दिया। इस दौरान कोबरा सांप ने तीन चूहों को वापस डिब्बे में उगल दिया। बाद में सांप को जंगल में छोड़ दिया गया। घटना के दौरान आश्रम में मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे घटनाक्रम को लेकर कौतूहल बना रहा।