राजसमंद के गांव गुड़ा के पास मकोड़ा गांव में घर के समीप बनी दीवार में दुर्लभ रसल वाइपर मिलने से लोगों में भय फैल गया। सूचना पर सर्प विशेषज्ञ नवीन गहलोत मौके पर पहुंचे और सावधानी से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। ‘चित्ती’ के नाम से पहचाना जाता है स्थानीय भाषा में ‘चित्ती’ के नाम से पहचाना जाने वाला रसल वाइपर राजसमंद जिले में बहुत कम देखने को मिलता है। गहलोत के अनुसार, पिछले आठ सालों में जिले में रसल वाइपर के रेस्क्यू का यह तीसरा मामला है। रसल वाइपर बेहद जहरीला सांप माना जाता है। इसके विष में हीमोटॉक्सिक प्रभाव पाया जाता है, जो शरीर के रक्त और ऊतकों को प्रभावित कर सकता है। शरीर की बनावट और उस पर बने विशिष्ट निशान इसे अन्य सांपों से अलग पहचान देते हैं। इसका शरीर कुछ हद तक अजगर जैसा दिखाई देता है। रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा गहलोत ने सावधानी तरीके से रसल वाइपर को दीवार से बाहर निकाला। इसके बाद उसे सुरक्षित स्थान पर जंगल में छोड़ दिया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि घर या आसपास जहरीला सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास नहीं करें, बल्कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।