राजसमंद में पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल की अध्यक्षता में एन-कोर्ड (नारको कोआर्डिनेशन सेंटर) एवं नशा मुक्त भारत अभियान की समीक्षा बैठक हुई। इसमें जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर रोक लगाने, नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने, जनजागरूकता बढ़ाने तथा नशे से ग्रसित लोगों को उपचार और पुनर्वास से जोड़ने को लेकर चर्चा की गई। एसपी हेमंत कलाल ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री और सेवन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने तस्करों और उनके नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई करने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि नशे की उपलब्धता रोकने के साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए नियमित जागरूकता गतिविधियां भी जरूरी हैं। स्कूल-कॉलेजों और गांवों में चलेंगे जागरूकता अभियान बैठक में विद्यालयों, महाविद्यालयों, सार्वजनिक स्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही नशा मुक्त भारत अभियान के छह वर्ष पूरे होने के अवसर पर जिलेभर में होने वाले कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों की रूपरेखा पर भी विचार-विमर्श किया गया। उपचार और पुनर्वास से जोड़ने पर भी चर्चा बैठक में नशे से ग्रसित लोगों को उपचार, परामर्श और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई। नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ प्रभावित लोगों को जरूरी सेवाओं तक पहुंचाने के लिए विभागीय समन्वय पर जोर दिया गया। बैठक में उप वन संरक्षक डॉ. आरएन भाकर, एडीएम राजकुमार कस्वा, जिला परिषद सीईओ बृजमोहन बैरवा और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक दीपेंद्र सिंह शेखावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।