राजसमंद में पंचायतीराज चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों को आचार संहिता की सख्ती से पालना करने के निर्देश दिए गए हैं। राजकीय संपत्तियों, परिसरों और भवनों पर पोस्टर, बैनर, होर्डिंग, कटआउट, झंडे और नारे-स्लोगन नहीं लगाए जा सकेंगे। साथ ही जाति-धर्म के आधार पर वोट मांगने, धार्मिक स्थलों का चुनाव प्रचार में इस्तेमाल करने, मतदाताओं को रिश्वत देने या डराने-धमकाने पर भी रोक रहेगी। सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री और चुनावी खर्च पर निगरानी रखी जाएगी। मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में प्रचार और मतदान समाप्ति से पहले 48 घंटे में सार्वजनिक सभा भी नहीं की जा सकेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने बुधवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में ये निर्देश दिए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजकुमार कस्वा भी बैठक में मौजूद रहे। मतदाताओं को रिश्वत या डराने-धमकाने पर होगी कार्रवाई मतदाताओं को रिश्वत देने या डराने-धमकाने पर प्रतिबंध रहेगा। मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर प्रचार नहीं किया जा सकेगा। मतदान समाप्ति से पहले 48 घंटे की अवधि में सार्वजनिक सभा करने पर भी रोक रहेगी। जुलूस निकालने से पहले पुलिस को सूचना देना और लाउडस्पीकर व प्रचार वाहनों के लिए अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सोशल मीडिया और चुनावी खर्च पर रहेगी नजर सोशल मीडिया पर मिथ्या, भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने पर कार्रवाई की जाएगी। चुनाव प्रचार और गतिविधियों की वीडियोग्राफी के साथ निगरानी भी की जाएगी। अभ्यर्थियों के अस्थाई कार्यालय मतदान केंद्र से 200 मीटर के भीतर, अतिक्रमित स्थान या धार्मिक स्थल परिसर में नहीं बनाए जा सकेंगे। निर्वाचन खर्च पर भी निगरानी रखी जाएगी।