रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के स्वास्थ्य और शारीरिक स्थिति की निगरानी के लिए सोमवार को जोन 2 और 3 में वन्यजीवों का मेडिकल टेस्ट किया गया। इस दौरान बाघ, सांभर, चीतल, जंगली सूअर, नीलगाय और लंगूर और अन्य वन्यजीवों की टेस्टिंग की गई। यहां CCF (मुख्य वन संरक्षक) शारदा प्रताप सिंह के निर्देशन और DCF (उप वन संरक्षक) मानस सिंह के मार्गदर्शन में उप निदेशक डॉ. सीपी मीणा के नेतृत्व में वन्यजीवों की स्वास्थ्य निगरानी की गई। फिजिकल और मेटाबॉलिक स्थिति जांची स्वास्थ्य निगरानी के दौरान वन्यजीवों की फिजिकल और मेटाबॉलिक स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों के अनुसार निगरानी में देखे गए सभी वन्यजीव सामान्य रूप से स्वस्थ और सक्रिय पाए गए। किसी भी वन्यजीव में असामान्य शारीरिक स्थिति या मेटाबॉलिक बीमारी के लक्षण नहीं मिले। वन विभाग के अनुसार नियमित स्वास्थ्य निगरानी का उद्देश्य वन्यजीवों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखना है। इससे संभावित बीमारियों की शुरुआती स्तर पर पहचान करने और जरूरत पड़ने पर समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। लगातार जारी रहेगी मॉनिटरिंग रणथंभौर टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के संरक्षण और बेहतर स्वास्थ्य के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। विभाग की ओर से वन्यजीवों की शारीरिक स्थिति, व्यवहार और स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक रिजर्व में वन्यजीवों के स्वास्थ्य की निगरानी का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।