श्री रावल मल्लीनाथ श्री राणी रूपादे संस्थान, तिलवाड़ा की निमंत्रण एवं जनसहयोग यात्रा गुरुवार को टापरा और दाखा गांव पहुंची। यात्रा का श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज, महंत श्री गणेशपुरी जी महाराज और कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल के नेतृत्व में आगमन हुआ। दोनों गांवों में क्षत्रिय समाज और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। यात्रा के दौरान श्री रावल मल्लीनाथ जी के भव्य मंदिर सहित पंच मंदिरों के निर्माण और आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव की जानकारी दी गई। इस अवसर पर समाजबंधुओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ जनसहयोग की घोषणा की। संस्थान के सचिव सुमेर सिंह वरिया ने बताया कि मालाजाल-तिलवाड़ा और पालिया परिसर में पांच मंदिरों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन मंदिरों का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 2 सितंबर 2027 को आयोजित होगा। निमंत्रण एवं जनसहयोग यात्रा शारदीय नवरात्र की बीज पर गोपड़ी गांव से शुरू हुई थी। टापरा गांव के सहयोगकर्ताओं के नाम प्रवीण सिंह सुपुत्र भैरू सिंह, भवानी सिंह सुपुत्र रतन सिंह, महेंद्र सिंह सुपुत्र रतन सिंह, छैल सिंह सुपुत्र जोगराज सिंह, कालु सिंह सुपुत्र मथर सिंह, विजय सिंह सुपुत्र रिड़मल सिंह, भरत सिंह सुपुत्र बलवंत सिंह, अनोप सिंह सुपुत्र उत्तम सिंह, मनोहर सिंह सुपुत्र नरपत सिंह, विजय सिंह सुपुत्र नरपत सिंह, दलपत सिंह सुपुत्र नरपत सिंह, राण सिंह सुपुत्र चैन सिंह, विक्रम सिंह सुपुत्र दिलीप सिंह, नाथू सिंह सुपुत्र भवानी सिंह, अकेसिंह सुपुत्र पूंजराज सिंह, उम्मेद सिंह सुपुत्र भैरू सिंह, विजयराज सिंह सुपुत्र उदयराज सिंह, हड़मत सिंह सुपुत्र किशोर सिंह, मुकन सिंह सुपुत्र किशोर सिंह, पहाड़ सिंह सुपुत्र हड़मत सिंह तथा ईश्वर सिंह सुपुत्र नारायण सिंह। दाखा गांव के सहयोगकर्ताओं के नाम गुलाब सिंह सुपुत्र धूड़ सिंह, उम्मेद सिंह एवं आनंद सिंह, छैल सिंह सुपुत्र पर्बत सिंह, मग सिंह व जोगसिंह सुपुत्र जेतमाल सिंह, रूघनाथ सिंह व मनोहर सिंह सुपुत्र भीम सिंह, जोगराज सिंह, जबर सिंह, मग सिंह, छैल सिंह, देवी सिंह एवं नेपाल सिंह सुपुत्रगण सुजान सिंह, मोहन सिंह व भबूत सिंह सुपुत्र इंद्र सिंह, राम सिंह, चंद्रपाल सिंह एवं नारायण सिंह सुपुत्रगण रतन सिंह, रणजीत सिंह सुपुत्र राज सिंह, राम सिंह एवं गोविंद सिंह सुपुत्रगण मंगल सिंह, देवी सिंह सुपुत्र आनंद सिंह, मोती सिंह सुपुत्र आनंद सिंह, करण सिंह सुपुत्र भूर सिंह, दलपत सिंह सुपुत्र आम्ब सिंह, सुरेंद्र सिंह सुपुत्र रतन सिंह, बलवंत सिंह सुपुत्र जब्बर सिंह, जालम सिंह सुपुत्र भैरू सिंह, हीर सिंह सुपुत्र जीवराज सिंह, प्रेम सिंह सुपुत्र अर्जुन सिंह, गुलाब सिंह व तन सिंह सुपुत्रगण भोपाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह सुपुत्र छैल सिंह, नारायण सिंह सुपुत्र आम्ब सिंह, चंद्रपाल सिंह सुपुत्र किशन सिंह, स्वरूप सिंह सुपुत्र रिड़मल सिंह, सवाई सिंह सुपुत्र रिड़मल सिंह, धन सिंह सुपुत्र नाथू सिंह, देवी सिंह सुपुत्र हेम सिंह, जोग सिंह सुपुत्र भूर सिंह तथा देवी सिंह सुपुत्र पदम सिंह। धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का प्रयास संस्थान प्रबंधन समिति के अध्यक्ष कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि श्री रावल मल्लीनाथ जी और श्री राणी रूपादे जी मालाणी की धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता के प्रमुख आधार हैं। पंच मंदिरों का निर्माण क्षेत्र की गौरवशाली धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि श्री रावल मल्लीनाथ जी के शौर्य, पराक्रम, धर्मनिष्ठा और लोककल्याणकारी आदर्शों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है। वहीं, श्री राणी रूपादे जी की भक्ति, समानता, सामाजिक समरसता और मानव सेवा की परंपरा समाज को एकता और सद्भाव का संदेश देती है। कुँवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने टापरा और दाखा के समाजबंधुओं के सहयोग की सराहना करते हुए सर्व समाज से आगामी प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सपरिवार शामिल होने और तन, मन तथा धन से सहयोग करने का आह्वान किया। मालाणी क्षेत्र के गांवों में जारी रहेगी यात्रा निमंत्रण एवं जनसहयोग यात्रा आगामी दिनों में मालाणी क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पहुंचेगी। इस दौरान सर्व समाज के लोगों को पंच मंदिरों के प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में सपरिवार शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा। साथ ही मंदिर निर्माण और महोत्सव की तैयारियों में जनसहयोग जुटाने का प्रयास जारी रहेगा।