आमेर विधानसभा के निगम क्षेत्र में इस बार चुनावी समीकरण बदले हुए हैं। परिसीमन के बाद चार की जगह तीन वार्ड रह गए हैं। वार्ड 148, 149 और 150 क्रमश: सामान्य, ओबीसी और एसटी श्रेणी में आरक्षित हैं। वार्ड 149 और 150 में भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है, जबकि वार्ड 148 में निर्दलीय प्रत्याशी से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। आमेर में कांग्रेस का विधायक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजनीतिक खींचतान का असर विकास कार्यों पर भी दिख रहा है। मुख्य सड़कों की खराब हालत, बारिश में जलभराव और कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं की कमी प्रमुख मुद्दे हैं। टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस विधायक प्रशांत शर्मा पर भेदभाव और पैसे लेकर टिकट देने जैसे आरोपों से पार्टी में नाराजगी की चर्चा है। विरोध में काले झंडे भी दिखाए गए। विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सतीश पूनिया की हार के बाद स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में उनका सक्रिय हस्तक्षेप कम हुआ है। आरक्षण बदला, प्रत्याशियों की व्यक्तिगत पकड़ अहम सड़क से जलभराव, कॉलोनियों में सुविधाओं की कमी 2020 में 2-2 की बराबरी, अब 3 वार्डों में नया मुकाबला 2020 में आमेर क्षेत्र के चार निगम वार्डों में भाजपा और कांग्रेस ने दो-दो सीटें जीती थीं। यानी दोनों दल बराबरी पर थे। अब परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या चार से घटकर तीन हो गई है। इसके साथ सीटों का आरक्षण भी बदल गया है।