राजस्थान लोक सेवा आयोग के विशेष अध्ययन दल ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के परीक्षा केंद्रों पर लागू 'फेशियल ऑथेंटिकेशन मैकेनिज्म' और उसकी कार्यप्रणाली का अध्ययन किया। इसके बाद सोमवार को अपनी विस्तृत रिपोर्ट RPSC अध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह को सौंप दी है। अब इस रिपोर्ट का विश्लेषण कर आयोग आगे कार्रवाई करेगा। आयोग अध्यक्ष केसरी सिंह ने बताया- आयोग का उद्देश्य युवाओं के भविष्य और परीक्षाओं की गरिमा को सुरक्षित रखना है। इसी दिशा में आयोग द्वारा यूपीएससी और देश के अन्य भर्ती आयोगों की बेस्ट प्रैक्टिसेस का नियमित रूप से अध्ययन किया जा रहा है। इससे परीक्षा तंत्र को अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। इसी उद्देश्य के तहत परीक्षा केंद्रों पर फेशियल ऑथेंटिकेशन और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी सुरक्षा उपायों का विश्लेषण किया जा रहा है। ​डमी कैंडिडेट और नकल पर कसेगा शिकंजा इसका उद्देश्य परीक्षा केंद्रों पर डमी कैंडिडेट के बैठने की संभावनाओं को पूरी तरह समाप्त करना और किसी भी प्रकार की नकल पर रोक लगाना है। इसके लिए आधुनिक उपकरणों से लैस मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसी के तहत हाल ही आयोग अध्यक्ष की अध्यक्षता में आईटी टीम और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक एंड इंस्ट्रूमेंट लिमिटेड के उपमहाप्रबंधक (आईटी) के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। ​इस बैठक में परीक्षा केंद्रों की लाइव सर्विलांस और सुरक्षा पुख्ता करने के लिए बायोमेट्रिक्स, फेस रिकग्निशन एंड ऑथेंटिकेशन, एचएचएमडी (हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर) और एआई फेस रिकग्निशन युक्त सीसीटीवी कैमरों के उपयोग पर चर्चा की। विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा के बाद आयोग की ओर से अपनी विशिष्ट तकनीकी जरूरतें और क्वेरीज संबंधित एजेंसी को सौंप दी गई हैं। 4 से 5 दिन में इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आयोग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। ​पुलिस-प्रशासन के साथ मिलकर होगी पुख्ता व्यवस्था सुरक्षा प्रबंधों को अधिक पुख्ता बनाने के उद्देश्य से आगामी दिनों में राजस्थान पुलिस की रिक्रूटमेंट विंग के उच्चाधिकारियों के साथ भी आयोग अध्यक्ष द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा, ताकि परीक्षा तंत्र को अभेद्य बनाया जा सके।