राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष और विजयादशमी उत्सव के अवसर पर मंगलवार को श्रीगंगानगर में स्वयंसेवकों ने विराट पथ संचलन निकाला। पूर्ण गणवेश में कदम-से-कदम मिलाकर चलते स्वयंसेवकों का नगर के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। बैंड की धुनों के बीच निकले पथ संचलन में स्वयंसेवकों ने राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, एकता और संगठन का संदेश दिया। पथ संचलन से पहले एसडी बिहाणी कॉलेज मैदान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां मुख्य वक्ता राजस्थान क्षेत्र के सह संपर्क प्रमुख योगेंद्र कुमार ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, संगठन और हिंदू समाज की एकता के विराट दर्शन का अवसर आ गया है। विजयादशमी सत्य और धर्म की विजय का प्रतीक योगेंद्र कुमार ने कहा- विजयादशमी का पावन पर्व असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय और अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश देता है। यह आयोजन केवल पथ संचलन तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण, संकल्प और संगठन की शक्ति को प्रदर्शित करने का अवसर भी है। इन प्रमुख मार्गों से गुजरा पथ संचलन एसडी बिहाणी कॉलेज से शुरू हुए पथ संचलन का निर्धारित मार्ग शहर के प्रमुख चौराहों और बाजारों से होकर गुजरा। मार्ग में सुखाड़िया सर्किल, भाटिया पेट्रोल पंप, थरेजा हॉस्पिटल, चंद्रलोक ढाबा, जय भारत मेडिकल स्टोर, गांधी चौक, आनंद वस्त्र भंडार, विशाल शोरूम, वाल्मीकि चौक, बीरबल चौक और इंदिरा चौक सहित विभिन्न स्थानों से गुजरा। इसके बाद संचलन परनामी मंदिर, दुर्गा मंदिर, कंगन पैलेस और ब्रह्मकुमारी चौक से होते हुए एसडी कॉलेज पहुंचने के निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ा। पथ संचलन के दौरान स्वयंसेवकों की अनुशासित कदमताल और बैंड की धुनों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया।