निजी विद्यालय संघर्ष समिति राजस्थान के आंदोलन के बाद सरकार ने निजी स्कूलों का आरटीई पुनर्भरण बकाया भुगतान शुरू कर दिया। प्रदेश संयोजक लालसिंह झाला ने इसे आंदोलन की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं सहित सभी पात्र निजी स्कूलों को पूरा बकाया भुगतान मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। लालसिंह झाला ने बताया कि वर्षों से लंबित आटीई भुगतान और दूसरी समस्याओं के समाधान के लिए समिति लगातार प्रयास कर रही है। 22 सितंबर को सरकार को ज्ञापन दिया गया। मांगों के जल्द निस्तारण की मांग रखी गई। 5 अक्टूबर को समिति के आह्वान पर प्रदेशभर में जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा कार्यालयों के बाहर धरना-प्रदर्शन हुआ। बकाया भुगतान जारी करने की मांग उठाई गई। समिति ने सरकार को 10 अक्टूबर तक प्री-प्राइमरी कक्षाओं सहित सभी पात्र निजी स्कूलों का पूरा आरटीई बकाया भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया था। तय समय तक भुगतान नहीं होने पर 12 अक्टूबर से जयपुर के शहीद स्मारक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई थी। झाला ने कहा कि भुगतान प्रक्रिया शुरू होना राहत है। कुछ स्कूलों को भुगतान मिलने से समाधान नहीं होगा। सभी पात्र स्कूलों का पूरा बकाया भुगतान होना चाहिए। झाला ने बताया कि मांगें सिर्फ आरटीई भुगतान तक सीमित नहीं हैं। निजी स्कूलों की दूसरी लंबित समस्याओं पर सरकार के साथ पहले बनी सहमतियों को लागू कराना भी प्राथमिकता है। इसके लिए समिति का प्रतिनिधिमंडल जल्द जयपुर जाएगा। संबंधित अधिकारियों और सरकार के सामने समस्याएं रखी जाएंगी।