राजसमंद में अरावली की वादियों में स्थित सेवंत्री गांव के मेवाड़ के प्रसिद्ध धाम रूपनारायणजी मंदिर में शनिवार को दशमी की रेवाड़ी निकाली गई। धार्मिक परंपरा के अनुसार आयोजित इस सेवा में स्थानीय पुजारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ठाकुर जी को झूला झुलाया रात्रि करीब 9 बजे गर्भगृह से लालजी भगवान ठाकुरजी पूरे ठाटबाट के साथ निज मंदिर से बाहर पधारे। इसके बाद पुजारियों ने परंपरानुसार मंदिर की परिक्रमा का क्रम पूरा किया। परिक्रमा के दौरान 10 अलग-अलग स्थानों पर पुजारियों की ओर से कीर्तन किए गए ओर ठाकुरजी को झुलाया गया। मंदिर के बाहर दो स्थानों पर विश्राम किया गया, जबकि परिक्रमा मार्ग में आठ स्थानों पर विश्राम की सेवा हुई। परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी को भोग अर्पित किया और सेवा क्रम पूरे किए। मंदिर में यह परिक्रमा माह में दो बार, प्रत्येक दशमी को परंपरानुसार की जाती है। सेवंत्री स्थित भगवान रूपनारायणजी का मंदिर धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर पांडव कालीन माना जाता है और इसकी प्राचीनता 5 हजार वर्ष से अधिक है।