चूरू के सिंगी धोरा स्थित सच्चियाय माता मंदिर में शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की विधि-विधान से पूजा हुई। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों और घंटे की गूंज से गूंज उठा। मुख्य यजमान नितिन गोयल और सरल सिंगी (दिल्ली) ने पंडितों के सानिध्य में अखंड ज्योत जलाई। उन्होंने देश व समाज की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। मंदिर व्यवस्थापक अभय सिंगी ने मां चंद्रघंटा के स्वरूप की महिमा बताते हुए कहा कि माता का यह रूप साहस, निर्भीकता और शांति का प्रतीक है। इसकी आराधना से भक्तों को शक्ति और आत्मविश्वास मिलता है। संगीतमय महाआरती में चुनीलाल सिंगी, सुरेन्द्र बोथरा, राजेन्द्र सुराणा, प्रवीण बैद, धर्मचंद खिची, दलीप खिची, राजेन्द्र सिंगी, चन्द्रभान सिंगी, बसन्त सिंगी, बाबूलाल राव, इन्द्राज बांठिया, सूर्यप्रकाश खिची, राज बांठिया, विमला शर्मा, श्रुति शर्मा, रेनू जांगिड़, विमला देवी बैद, राजश्री सिंगी, मोनीका गोलक्षा, कांता सिंगी, मुनी देवी खिची, पुष्पा खिची सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए।