सलूम्बर जिले में पलाश प्रजाति के संरक्षण और विस्तार के काम की हकीकत जानने जिला कलेक्टर पलोदड़ा स्थित पलाश उद्यान और डाया नर्सरी पहुंचे। कलेक्टर ने वानिकी कामों का निरीक्षण कर अधिकारियों को तय तकनीकी मापदंडों के हिसाब से समय पर काम पूरे करने के निर्देश दिए। पलाश उद्यान में जिला कलेक्टर ने पौधरोपण, पौधों की देखभाल, सुरक्षा और चल रहे वानिकी कामों को मौके पर देखा। वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें कामों की प्रगति और आगे की योजना के बारे में बताया। कलेक्टर ने कहा कि 'एक जिला-एक प्रजाति' योजना के तहत पलाश को बढ़ावा देने का मकसद सिर्फ पौधे लगाना नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण, संवर्धन और प्राकृतिक विस्तार के लिए लंबे समय तक कोशिशें करना है। डाया नर्सरी में पौध उत्पादन और गुणवत्ता की जांच इसके बाद कलेक्टर ने डाया नर्सरी का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां अलग-अलग प्रजातियों के तैयार किए जा रहे पौधों, सिंचाई व्यवस्था और पौध उत्पादन के इंतजामों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि नर्सरी में पौधों का सही रख-रखाव हो और तय मानकों के हिसाब से स्वस्थ और अच्छी क्वालिटी के पौधे तैयार किए जाएं, ताकि आने वाले पौधरोपण में उनका अच्छे से इस्तेमाल हो सके। डाया बांध के जलस्तर और भराव क्षमता की ली जानकारी निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने डाया बांध के जलस्तर, अभी के भराव और कुल भराव क्षमता की भी जानकारी ली। उन्होंने पानी के संसाधनों की लगातार निगरानी और मौजूद पानी के सही इस्तेमाल पर चर्चा की। साथ ही अधिकारियों को जल संरक्षण और बेहतर प्रबंधन के लिए जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सहायक वन संरक्षक महेंद्र सिंह चुण्डावत, क्षेत्रीय वन अधिकारी सराड़ा नारायण लाल मीणा, वनपाल पलोदड़ा राहुल पटेल और पन्नालाल समेत वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।