सलूम्बर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) की जिला इकाई ने दो दिवसीय शैक्षिक सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में जिले की जिला और खंड कार्यकारिणियों के पदाधिकारियों के साथ संकुल संयोजक भी शामिल हुए।बैठक में संगठन के खातों और उनके उपयोग, आगामी लोक मंथन यात्रा, महिला संवर्ग की बैठक और प्रदेश सम्मेलन जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस दौरान जिलाध्यक्ष हिमांशु भट्ट ने कहा - शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा करने वाला व्यक्ति नहीं है। वे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, संस्कार और चरित्र निर्माण का मुख्य आधार हैं। उन्होंने 'शिक्षा, प्रार्थना सभा और समाज में शिक्षकों की भूमिका' विषय पर अपने विचार रखे। भट्ट ने कहा कि शिक्षक समाज की नींव हैं और अपने आचरण से समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। विभाग संगठन मंत्री देवीलाल पटेल ने शिक्षक संगठन की भूमिका और उसकी जरूरत के बारे में बताया। जिला संगठन मंत्री फणीन्द्र गर्ग ने शिक्षकों से संगठनात्मक एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और शैक्षिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहने की अपील की। सम्मेलन में सलूम्बर, झल्लारा, जयसमन्द, सेमारी, लसाड़िया और सराड़ा खंडों के अध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष सहित जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारी और सैकड़ों सदस्य मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री कमल आमेटा ने किया। महिला जिला संगठन मंत्री ललिता पूर्बिया ने आभार व्यक्त किया।