सलूम्बर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) जिला सलूम्बर के तत्वावधान में शुक्रवार को दो दिवसीय जिला शैक्षिक सम्मेलन-2026 शुरू हुआ। सम्मेलन के पहले दिन मूसलाधार बारिश के बावजूद जिले भर से सैकड़ों शिक्षक पहुंचे। सम्मेलन का मुख्य मकसद शिक्षक समाज को राष्ट्रहित, शिक्षा हित और शिक्षक हित से जोड़ना है। सम्मेलन को माकड़ा देव धाम (झाड़ोल) के संत श्री 1008 गुलाब दास जी महाराज मौजूद रहे। संत श्री ने शिक्षक जीवन में संस्कार, सेवा, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर बात की। मुख्य वक्ता महेश चंद्र आमेटा ने भारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्र निर्माण के अलग-अलग पहलुओं पर शिक्षकों का मार्गदर्शन किया। दूसरे सत्र में पूरणमल लोहार ने "हमारा विद्यालय हमारा तीर्थ" और "मैं से हम की ओर" विषयों पर प्रेरणादायक विचार रखे। विभाग संगठन मंत्री देवीलाल पटेल ने संगठन के दायरे और परिचय पर जानकारी दी, जबकि जिला संगठन मंत्री फणींद्र गर्ग ने संगठन की गतिविधियों पर मार्गदर्शन दिया और आभार जताया। तीसरे सत्र में वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश चंद्र मीणा की अध्यक्षता में 'खुला मंच' रखा गया। इसमें शिक्षकों की अहम समस्याओं पर गहराई से चर्चा हुई। इसके बाद राज्य सरकार को भेजे जाने वाले मांग पत्र का मसौदा तैयार किया गया। समारोह में सीबीईओ सलूम्बर कपिल कुमार मेहता, सीबीईओ झल्लारा भगवती लाल शर्मा, लवकुश के प्रधानाचार्य मणिलाल चाष्टा, प्रशासक अरुण चौबीसा, महिला जिला संगठन मंत्री ललिता पूर्बिया और वाकपीठ अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह चुंडावत समेत कई खास लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला मंत्री कमल आमेटा ने किया।