सवाईमाधोपुर-कोटा की बॉर्डर पर चंबल नदी में बुधवार को भाई-बहन के डूबने की आशंका से हड़कंप मच गया। दोनों झरेल के बालाजी मंदिर में दर्शन करने के बाद नहाने गए थे। नदी किनारे दोनों के कपड़े, बैग और चप्पलें मिली हैं, जिससे उनके डूबने की आशंका बढ़ गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों और सिविल डिफेंस की मदद से दोनों की तलाश शुरू की। अंधेरा होने के बाद सर्च को रोक दिया गया। दर्शन के बाद चंबल में नहाने गए थे जानकारी के अनुसार, बहरावंडा खुर्द (खंडार, सवाईमाधोपुर) निवासी गणपत सैनी पुत्र नागाराम (22) और उसकी बहन अंतिमा पुत्री नागाराम (20) बुधवार को झरेल के बालाजी मंदिर में दर्शन करने गए थे। दर्शन के बाद दोनों चंबल नदी के कुंड में नहाने चले गए। बताया जा रहा है कि करीब 11:30 से 12 बजे के बीच दोनों के नदी में डूबने की आशंका जताई गई। नदी किनारे मिले कपड़े, बैग और चप्पलें सूचना मिलते ही कैथूदा चौकी पुलिस और बहरावंडा खुर्द चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। नदी किनारे दोनों के कपड़े, बैग और चप्पलें मिलीं। इसके बाद उनके नदी में डूबने की आशंका और गहरा गई। स्थानीय गोताखोर तलाश में जुटे इसके बाद स्थानीय गोताखोर जयसिंह गुर्जर, छोटू मीना और गोरधन गुर्जर सहित अन्य लोग दोनों की तलाश में जुट गए। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से चंबल नदी के कुंड में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। गोताखोर लगातार पानी में दोनों की तलाश कर रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल दोनों भाई-बहन के नदी से बाहर निकलने या मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। सर्च अभियान जारी है और परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।