पंचायत चुनाव का तीसरा चरण शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों के लिए सबसे मुश्किल शेड्यूल साबित हो रहा है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार तीसरे चरण में 3 से 7 नवंबर तक मतदान एवं मतगणना की प्रक्रिया चलेगी। इसी दौरान 6 नवंबर को धनतेरस और 7 नवंबर को छोटी दीपावली है, जबकि 8 नवंबर को दीपावली का मुख्य पर्व है। इससे शिक्षकों की टेंशन बढ़ गई है। विभाग की ओर से 4 से 15 नवंबर तक स्कूलों में दीपावली अवकाश भी है। पहले और दूसरे चरण में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं भी प्रभावित होंगी। परीक्षाएं 15 से 29 अक्टूबर तक हैं और इसी बीच चुनाव के पहले-दूसरे चरण की तारीखें हैं। धनतेरस से घरों में दीपावली की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। खरीदारी, साफ-सफाई, पूजा की तैयारी और परिवार के साथ समय बिताने के लिए कर्मचारी इस अवधि का इंतजार करते हैं। तीसरे चरण में चुनाव ड्यूटी लगने पर धनतेरस और छोटी दीपावली पर भी चुनावी दायित्व निभाना पड़ेगा। चुनाव ड्यूटी जरूरी, लेकिन त्योहार का भी ध्यान रखें अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) के प्रदेश सचिव रवि आचार्य ने कहा कि चुनाव ड्यूटी कर्मचारियों का महत्वपूर्ण दायित्व है, लेकिन चुनाव कार्यक्रम बनाते समय प्रमुख त्योहारों और कर्मचारियों की पारिवारिक जिम्मेदारियों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। धनतेरस और छोटी दीपावली के दिन चुनाव ड्यूटी होने से शिक्षक-कर्मचारियों को बड़ी परेशानी होगी। निर्वाचन विभाग को मानवीय और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए तीसरे चरण के कार्यक्रम पर पुनर्विचार करना चाहिए।