राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से रविवार को जयपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, बारां, अजमेर समेत कई जिलों में बारिश हुई। जयपुर और अजमेर में ओले भी गिरे। वहीं, जोधपुर और नागौर में बादल छाए रहे। इस सिस्टम के असर से रविवार को दिनभर धूप कमजोर रही। तापमान भी सामान्य से कम रहा। रात के साथ ही दिन में भी हल्की सर्दी महसूस हुई। रविवार को प्रदेश के 10 से ज्यादा शहरों का न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। मौसम विभाग ने आज से राज्य में एक बार फिर अगले तीन-चार दिन मौसम ड्राई रहने और 22-23 अक्टूबर को नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने की संभावना जताई है। जयपुर में बारिश के साथ ओले गिरे पिछले 24 घंटे का मौसम देखें तो सवाई माधोपुर, बारां में रविवार सुबह तेज हवा चली और बारिश के साथ ओले गिरे। जयपुर में लगातार दूसरे दिन बारिश हुई। जयपुर शहर और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में रविवार दोपहर बाद बारिश हुई। कुछ जगह ओले गिरे, जिससे सर्दी बढ़ गई। अजमेर, टोंक में देर शाम बारिश के साथ कुछ जगहों पर ओले गिरे। दिन का तापमान सामान्य से नीचे आया, ठंडक बढ़ी आंधी-बारिश और ओलावृष्टि के असर से दिन और रात के तापमान में गिरावट हुई, जिससे ठंडक बढ़ गई है। रविवार को अलवर में अधिकतम तापमान 31.8, हनुमानगढ़ में 31.2, करौली, झुंझुनूं में 32.4, सीकर में 32, पिलानी में 33 और अजमेर में 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ और यहां हल्की ठंडक रही। बाड़मेर, जैसलमेर, सिरोही, श्रीगंगानगर में रविवार को तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। दिन में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ। जोधपुर में 36.8, फलोदी में 36.2, जालोर में 36, सिरोही में 37.1 और जैसलमेर में 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन शहरों में रात में सर्दी शुरू रविवार को टोंक में न्यूनतम तापमान 19.4, अलवर में 19.5, पिलानी में 19.3, सीकर में 18.8, पाली में 19, माउंट आबू में 15.3, श्रीगंगानगर में 19.7, डूंगरपुर में 18.6, सिरोही में 16, फतेहपुर में 17 और झुंझुनूं में 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अब आगे क्या? मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने सोमवार से अगले तीन-चार दिन प्रदेश में मौसम ड्राई रहने की संभावना जताई है। इस दौरान आसमान साफ रहेगा और धूप रहेगी। 22-23 अक्टूबर से राज्य में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव होने की संभावना है, जिसके असर से मौसम में एक बार फिर से बदलाव हो सकता है।