उपजिला कलेक्टर प्रीति चक ने किसानों को डीएपी खाद नहीं मिलने की शिकायत पर शुक्रवार को नादौती व गुढाचन्द्रजी कस्बे की खाद-बीज की दुकानों का निरीक्षण किया। उन्होंने खाद के गोदाम का निरीक्षण किया। स्टॉक रजिस्टर व पीओएस मशीन के रिकॉर्ड का मिलान किया। खाद-बीज विक्रेताओं को एफएफएस ऐप के माध्यम से ही खाद वितरण करने के निर्देश दिए। निर्धारित रेट पर देने के भी निर्देश दिए। किसानों ने नादौती में कहीं भी डीएपी खाद नहीं मिलने तथा वितरण में अनियमितता की शिकायत की थी। इस पर एसडीएम चक ने शुक्रवार को गुढाचन्द्रजी कस्बे के दिनेश-मुकेश खाद-बीज भंडार, बालाजी खाद-बीज भंडार, झरंडा चौराहे के पास श्री बालाजी खाद-बीज भंडार, गर्ग खाद-बीज भंडार, अग्रवाल खाद-बीज भंडार की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। नादौती में अग्रवाल व चांदनी खाद-बीज भंडार का भी निरीक्षण किया। एसडीएम ने गोदामों की गहनता से जांच की। स्टॉक रजिस्टर व पीओएस मशीन के स्टॉक का मिलान किया। किसानों ने निरीक्षण में आईं एसडीएम को समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि नादौती के अलावा कहीं भी डीएपी नहीं मिल रहा है। इससे किसानों को परेशानी हो रही है। डीलरों के अनुसार, एक-दो दिन पहले नादौती में एक डीलर के पास डीएपी खाद आया था। डीलर ने इसे रात 7 बजे बाद ऑनलाइन अपलोड किया। इससे डीलर ने मिलने वाले किसानों का खाद रात में ही ऑनलाइन बुक कर दिया। वह रात में ही पोर्टल पर समाप्त हो गया। इससे जरूरतमंद किसान वंचित रह गए। इसके बाद से किसान खाद के लिए भटक रहे हैं। किसानों ने एसडीएम से गुढाचन्द्रजी कस्बे के डीलरों के पास भी डीएपी खाद उपलब्ध कराने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि नादौती में डीएपी खाद की उपलब्धता है। किसान यहां से डीएपी ले सकते हैं। गुढाचन्द्रजी सहायक कृषि अधिकारी रामविलास मीना व कैलाश चंद्रवाल ने बताया कि गुढाचन्द्रजी में जून 2026 के बाद डीएपी खाद नहीं आया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष डीएपी की किल्लत रहेगी। डीएपी के स्थान पर किसान सुपर, सिंगल सुपर, फॉस्फेट, यूरिया को मिलाकर उपयोग में ले सकते हैं। एनपीके का उपयोग भी किया जा सकता है। उन्होंने किसान से एफएफएस ऐप या ई-मित्र के माध्यम से खाद लेने के लिए ऑनलाइन बुकिंग करने की अपील की। निरीक्षण के दौरान हिंडौन कृषि अधिकारी ओमप्रकाश मीना, नादौती सहायक कृषि अधिकारी कूंजी लाल मीना व रामविलास मीना, वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक कैलाश चंद्रवाल मौजूद रहे।