शाहपुरा में महलों के चौक के बाहर 35 साल पुरानी पानी की टंकी को तोड़ने का काम तीन महीने से रुका हुआ था। इसी दौरान टंकी की करीब 4 टन वजनी सीढ़ी टूटकर लटक गई। टंकी से महज 10 मीटर की दूरी पर स्थित दो स्कूलों में सैकड़ों छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में लटकती हुई भारी-भरकम सीढ़ी से कभी भी बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ था। खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया इस मामले को दैनिक भास्कर डिजिटल ने प्रमुखता से उठाया। खबर प्रकाशित होने के बाद शाहपुरा थाना अधिकारी लीलाधर मालवीय और नगर पालिका अध्यक्ष रमेश सेन ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सुरक्षा इंतजाम के साथ सीढ़ी नीचे उतारी इसके बाद पीएचईडी के सहायक अभियंता शिवराज मोटिस ने मजदूरों को बुलाया। मजदूरों ने सुरक्षा के उपाय करते हुए टंकी की लटकती सीढ़ी को सुरक्षित तरीके से नीचे उतार दिया। करीब 4 टन वजनी सीढ़ी को हटाए जाने के बाद आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। छात्रों और स्थानीय लोगों को मिली राहत सीढ़ी हटाए जाने से दो स्कूलों के सैकड़ों छात्रों और स्थानीय लोगों पर मंडरा रहा हादसे का खतरा टल गया। रिलीफ सोसायटी अध्यक्ष ठाकुर शक्ति सिंह परिहार, सुभाष व्यास, रामेश्वर लाल धाकड़ और नरेश व्यास सहित कई लोगों ने कार्रवाई के बाद दैनिक भास्कर डिजिटल का धन्यवाद किया।