सीकर के गोविंदम गार्डन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का आज समापन हो चुका है। कथा के अंतिम दिन हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय के भजनों पर पूरा पंडाल झूम उठा। इंद्रेश उपाध्याय ने भागवत कथा के दौरान कहा कि जिस तरह नीट परीक्षा में लाखों लोग शामिल होते हैं लेकिन सफलता बेहद कम लोगों को मिलती है, ठीक उसी तरह ठाकुर जी के भक्तिपथ पर लाखों लोग चलते हैं लेकिन बेहद कम लोगों को ठाकुर जी चुनते हैं। हालांकि सभी को प्रयास अपना जारी रखना चाहिए। जिस दिन आप ठाकुर जी के हो गए, उस दिन फिर आप वापस दुनिया के नहीं हो सकोगे। फिर आपको चाहे किसी भी तरह का लोभ दिया जाए, किसी भी सुंदर जगह ले जाया जाए, लेकिन फिर आप किसी भी लालच में नहीं आ सकोगे। इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि कोई भी भागवत कथा या धार्मिक आयोजन हो और वहां पर कीर्तन होता है तो साथ में आपको भी कीर्तन करना चाहिए। यदि आप वहां पर मौजूद रहकर कीर्तन नहीं करते तो यह एक अपराध के समान ही है। बता दें कि सीकर में 1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक स्व. महेश सिंधी की पावन स्मृति में इस भागवत कथा का आयोजन हुआ था, जिसका कथावाचन इंद्रेश उपाध्याय महाराज ने किया, इसमें लाखों की संख्या में लोग कथा सुनने आए। अब दिसंबर में इंद्रेश उपाध्याय महाराज सीकर की धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में भागवत कथा करेंगे