उदयपुर में 11 अक्टूबर से श्रीमाली ब्राह्मण समाज संस्था मेवाड़ की ओर से डांडिया रास का आयोजन किया जा रहा है। यह 9 दिनों तक चलेगा। टाईगर हिल स्थित संस्कार भवन में कल से 9 दिनों तक डांडिया रास का आयोजन होगा। इसमें प्रवेश के लिए समाज की ओर से विशेष नियम बनाए गए है। इसमें सभी भक्तों को पारंपरिक वेषभूषा में आने को कहा गया है। समाज लगातार तीसरी बार इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को सहेजने का प्रयास कर रहा है। फिल्मी गाने बजाने पर रोक, सिर्फ मां के भजनों पर ही होगा डांडिया श्रीमाली समाज मेवाड़ के अध्यक्ष दिग्विजय श्रीमाली ने बताया कि महोत्सव के दौरान संस्कार भवन में मां अंबे की आराधना के साथ डांडिया रास का आयोजन होगा। समाज के प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया है कि सामाजिक गरबा आयोजन में फिल्मी गानों के बजाय केवल मां अंबे के गरबा भजन ही बजाए जाएंगे। श्रीमाली ने बताया कि डांडिया रास को पूरी तरह धार्मिक और पारंपरिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी भी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ सके। पारंपरिक वेशभूषा में आने की अपील उन्होंने बताया कि समाजजनों से मर्यादित और पारंपरिक वेशभूषा में आने का आह्वान किया गया है। पुरुषों और युवाओं को पारंपरिक मेवाड़ी परिधान में आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजन स्थल पर मां के दरबार की विशेष सजावट, आकर्षक पांडाल और लाइटिंग की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। समाज के इस आयोजन को व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए संचालन समिति का गठन किया गया है। समिति में महेंद्र त्रिवेदी, दिनेश जोशी, मनीष त्रिवेदी, मेवाड़ युवा अध्यक्ष प्रफुल्ल श्रीमाली, मेवाड़ युवा प्रभारी उमेश श्रीमाली, मेवाड़ युवा सांस्कृतिक मंत्री भरत श्रीमाली, शहर अध्यक्ष प्रशांत श्रीमाली, रविन्द्र त्रिपाठी (कानू भैया), विनय श्रीमाली, पंकज श्रीमाली, मेवाड़ महिला अध्यक्ष रेखा श्रीमाली, डॉ. दीप्ति श्रीमाली, डॉ. नीरू श्रीमाली, शीतल श्रीमाली, सरजू श्रीमाली और हिना श्रीमाली को शामिल किया गया है। अनीश श्रीमाली के साथ ऋषि त्रिवेदी और देवेन्द्र श्रीमाली को भी आयोजन की जिम्मेदारियों में शामिल किया गया है।