प्रदेश के दिग्गज राजनेताओं व प्रबल दावेदार प्रमोद सामर और दिनेश भट्ट को सियासी पटखनी देकर बुधवार को नगर निगम के महापौर (मेयर) पद के लिए पूर्व डिप्टी मेयर पारस सिंघवी ने बुधवार को भाजपा से अपना नामांकन दाखिल कर सबको चौंका दिया। इस दौरान वे भावुक भी नजर आए। 80 में से सर्वाधिक 53 सीटें जीतने वाली भाजपा की ओर से सिंघवी ही इकलौते प्रत्याशी हैं। उनके सामने शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतहसिंह की पत्नी और वार्ड 17 से पार्षद डॉ. पूनम कंवर राठौड़ ने नामांकन दाखिल किया है। इसे चुनावी औपचारिकता ही माना जा रहा है। कैडर पार्टी होने के कारण भाजपा में बगावत कम ही देखने को मिलती है। ऐसे में आगे सब कुछ ठीक रहा तो 21 सितंबर को सिंघवी के नाम पर नए मेयर की मुहर लग जाएगी। मतदान और परिणाम की तारीख 18 सितंबर तक सभी पार्षद बाड़ेबंदी में ही रहेंगे। नामांकन के दौरान ये पदाधिकारी रहे मौजूद सिंघवी के नामांकन पत्र जमा करते समय शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह, राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, पूर्व मेयर जीएस टांक, पूर्व सभापति रजनी डांगी, पूर्व मेयर चंद्रसिंह कोठारी और पूर्व सभापति युधिष्ठिर कुमावत मौजूद थे। इसके अलावा ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा और सांसद मन्नालाल रावत का भी उन्हें समर्थन रहा। सिंघवी के प्रस्तावक जिला महामंत्री और पार्षद पंकज बोराणा बने। भास्कर इनसाइट सिंघवी ही क्यों, दूसरे प्रबल दावेदार क्यों नहीं? क्योंकि सिंघवी 1994-99 तक गैराज समिति अध्यक्ष, 2009-14 तक स्वास्थ्य समिति अध्यक्ष, 2014-19 तक निर्माण समिति अध्यक्ष और 2019-2024 तक डिप्टी मेयर रह चुके हैं। अभी पार्टी के जिला महामंत्री हैं। कटारिया के धुर विरोधी होने के कारण जिलाध्यक्ष राठौड़ ने संगठन से लेकर सरकार तक उनके नाम की पैरवी की। सिंघवी भी हर वक्त राठौड़ के काम आते रहे हैं। उनकी जयपुर से दिल्ली तक अच्छी पकड़ है। चुनाव से पहले भी वे पार्टी के 50 से ज्यादा प्रत्याशियों के संपर्क में थे। सामर पिछड़े क्योंकि उन्हें लंबे राजनीतिक अनुभव के आधार पर प्रदेश सरकार और संगठन से मेयर बनने की उम्मीद थी। जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह को भी सामर गुट का नेता माना जाता था, लेकिन इस बार गजपाल का साथ पारस सिंघवी को मिल गया। भट्ट रेस से बाहर क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री सतीश पूनियां समर्थक नेता हैं। उनकी कटारिया समर्थकों में भी पकड़ है। इसी वजह से संगठन के वर्तमान पदाधिकारियों ने उनके नाम का कड़ा विरोध किया। चंडालिया पीछे छूटे क्योंकि कटारिया के रिश्तेदार होने के कारण वे संगठन में मौजूदा पदाधिकारियों के निशाने पर रहे। कटारिया भी खुलकर उनके समर्थन में आते नहीं दिखे। सिंघवी बोले- पार्टी का अहसानमंद रहूंगा प्रत्याशी घोषित होने के बाद पारस सिंघवी ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने कहा- पार्टी ने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता को मौका दिया है, मैं ताउम्र पार्टी का अहसानमंद रहूंगा। सिंघवी को प्रत्याशी बनाए जाने की खुशी में मंडी स्थित उनके निवास के बाहर समर्थकों ने आतिशबाजी कर और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर जश्न मनाया। चुनावी कार्यक्रम : कब क्या होगा? आगे... डिप्टी मेयर के लिए अब ब्राह्मण चेहरे पर दांव! मेयर प्रत्याशी के रूप में जैन चेहरे (सिंघवी) का चयन होने के बाद अब डिप्टी मेयर पद का सियासी गणित बदल गया है। अब किसी ब्राह्मण चेहरे को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। इस रेस में दिनेश भट्ट, डॉ. कविता जोशी और जतिन श्रीमाली के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। वहीं, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के संबंधी पंकज बोराणा भी इस पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।