आईटी और सोशल मीडिया के दौर में 10-12 साल के दौरान पति-पत्नी के पारिवारिक विवादों में डिजिटल दखल बढ़ा है। अब मानसिक क्रूरता भी सार्वजनिक अपमान, लांछन व शारीरिक प्रताड़ना से हटकर डिजिटल व ऑनलाइन होने लगी है। फैमिली कोर्ट में अब ऐसे पारिवारिक विवाद के मामले बढ़ रहे हैं जिनमें सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने की बात की है। कोर्ट में 30% केस ऐसे आ रहे हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा व्यवहार जो वैवाहिक जीवन को असहनीय बना दे, वह भी क्रूरता के दायरे में आता है। फैमिली कोर्ट में शारीरिक शोषण ही नहीं भावनात्मक व मनोवैज्ञानिक शोषण के मामले भी बढ़े केस-1; सोशल मीडिया से पत्नी के अवैध संबंधों का पता चला, पति ने लिया तलाक एक मामले में पति ने सोशल मीडिया से पत्नी के दूसरे पुरुष से कथित अवैध संबंधों की जानकारी मिलने पर तलाक की अर्जी लगाई। फरवरी 2020 में जयपुर में उसकी शादी हुई थी। कुछ दिन बाद ही पत्नी ने तलाक के लिए कहा और बाद में अपने भाई के साथ चली गई। अक्टूबर 2020 में एक अन्य महिला ने सोशल मीडिया पर पति को बताया कि उसकी पत्नी के किसी अन्य पुरुष से अवैध संबंध हैं। उसने पत्नी और पुरुष के वीडियो व फोटो भी दिए। पति ने इसे मानसिक क्रूरता बताते हुए तलाक मांगा। कोर्ट ने पति के पक्ष में फैसला दिया। केस 2; पत्नी ने मैरिड का स्टेटस लगाया, पति ने घर से निकाला एक अन्य मामले में पत्नी के सोशल मीडिया पर मैरिड स्टेटस लगाने से पति नाराज हो गया। पति ने कहा कि वह अपने बिजनेस से जुड़े लोगों को यह नहीं बताना चाहता कि वह शादीशुदा है। विवाद बढ़ने पर उसने पत्नी को घर से निकाल दिया। अब पत्नी ने कोर्ट में अंतरिम भरण-पोषण दिलाने की मांग की है। प्रार्थिया का कहना है कि पति ने उसके साथ मानसिक व शारीरिक क्रूरता की है। केस 3;सोशल मीडिया पर बॉयफ्रेंड संग पत्नी को देखा, मांगा तलाक एक मामले में पत्नी पीहर जाने के दौरान अपने बॉयफ्रेंड के साथ डिस्क और बार-क्लब गई थी। पति के पूछने पर पत्नी ने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद पति ने क्लब और डिस्क के इंस्टाग्राम व फेसबुक पेज देखे, जहां एक फोटो में पत्नी बॉयफ्रेंड के साथ नजर आई। इस बात पर विवाद बढ़ने के बाद पति ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दायर की।