जयपुर डिस्कॉम में बिजली कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से हजारों-लाखों रुपए जमा कराए जा रहे हैं, लेकिन कनेक्शन देने की बारी आती है तो कभी सामान की कमी बताई जाती है, कभी फाइल अटका दी जाती है। जयपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्र के चार सर्कलों में 2518 बिजली कनेक्शन लंबित हैं। डिस्कॉम प्रबंधन ने प्रक्रिया आसान बनाने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी कर रखी है, लेकिन फील्ड में इंजीनियरों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। उपभोक्ता डिमांड राशि जमा कराने के बावजूद कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। चाकसू के पदमपुरा निवासी किसान रामजीवन ने बूंद-बूंद सिंचाई योजना के तहत कृषि कनेक्शन के लिए 24 जून को ₹1.20 लाख से अधिक जमा कराए थे। साढ़े तीन महीने बाद भी कनेक्शन नहीं मिला। रामजीवन का आरोप है कि कार्यालय में संपर्क करने पर अधिकारी सामग्री उपलब्ध नहीं होने की बात कहते हैं। सवाल है कि सामान नहीं था तो किसान से इतनी बड़ी रकम जमा क्यों कराई गई? जगतपुरा में ₹12 हजार जमा, मीटर नहीं लगा; जमवारामगढ़ में 15 दिन फाइल होल्ड जगतपुरा में सुरेश कुमार मुवाल ने 17 सितंबर को ₹12 हजार जमा कराए, लेकिन मीटर नहीं लगा। जमवारामगढ़ के पलेरा निवासी राजू मीणा ने 19 अगस्त को ₹5750 जमा कराए। एईएन ने 15 दिन तक फाइल होल्ड रखी। सांगानेर ग्रामीण में भी ₹6400 जमा कराने के बावजूद कनेक्शन लंबित होने की शिकायत है। मुरलीपुरा के बाबूलाल जांगिड़ और भांकरोटा के नंदू कुमार के आवेदनों पर डिमांड जारी नहीं होने की शिकायत सामने आई है। भास्कर सवाल पैसा लेने में तत्परता, कनेक्शन देने में देरी? डिस्कॉम की ऑनलाइन व्यवस्था में आवेदन से लेकर डिमांड और कनेक्शन तक प्रत्येक चरण की निगरानी का प्रावधान है। इसके बावजूद फाइलें अटकी हैं। निर्धारित समय पर कनेक्शन नहीं देने वाले अभियंताओं और ठेकेदारों की जवाबदेही कब तय होगी? उपभोक्ता रकम जमा कराने के बाद भी बिजली के लिए क्यों तरस रहे हैं? इन इलाकों में कनेक्शन लंबित दिवाली तक सभी पेंडेंसी खत्म हमारे पास सामान की कोई कमी नहीं है। दिवाली तक सभी कनेक्शन कर पेंडेंसी खत्म कर दी जाएगी। -मनोज गुप्ता, एसई-साउथ, जयपुर डिस्कॉम