श्रीगंगानगर में नगर परिषद सभापति चुनाव में भाजपा से बागी होकर मैदान में उतरे संजय मूंदड़ा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सभापति चुनाव के दौरान पुलिस कार्रवाई और दबाव की राजनीति के जरिए पार्षदों को प्रभावित किया गया, जिससे चुनाव का परिणाम बदल गया। मूंदड़ा भाजपा के सभापति अजय दावड़ा उर्फ लक्की दावड़ा से एक वोट से हार गए थे। मूंदड़ा ने मंगलवार को दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मूंदड़ा ने विधायक जयदीप बिहाणी और भाजपा नेता महेश पेड़ीवाल पर भी आरोप लगाए। हार पचाना सबसे कठिन काम मूंदड़ा ने कहा- हार पचाना सबसे कठिन काम है। काउंटिंग के दौरान जब मैं अंदर था, तब मैंने सभापति अजय दावड़ा को पानी की बोतल पकड़ाई और उन्हें जीत की बधाई दी। मैंने कहा- आप विजयी हुए हो, आपको जीत की बधाई। हम हारे हैं, हमें चिंतन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वार्ड 55 के मतदाताओं और उनका समर्थन करने वाले 32 पार्षदों के प्रति वे आभार जताते हैं। कांग्रेस सांसद कुलदीप इंदौरा, अंकुर मिगलानी और रहमान सहित उन नेताओं का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके अनुसार बिना शर्त समर्थन दिया। पार्षदों को वीडियो दिखाकर डराया मूंदड़ा ने कहा- उन्हें 32 वोट मिले, जबकि करीब 7 पार्षद ऐसे थे, जो उनके पक्ष में मतदान करना चाहते थे। भाजपा ने मुकेश शाह और अशोक चांडक से जुड़े ठिकानों पर पुलिस कार्रवाई के वीडियो दिखाकर इन पार्षदों में भय का माहौल बनाया, इसलिए उनके पक्ष में वोट नहीं किया गया। मूंदड़ा ने कहा- सभापति लक्की दावड़ा की ओर से कोई गलत काम किया जाता है तो उसका डटकर विरोध किया जाएगा। वहीं, अच्छा काम होने पर उसका स्वागत भी करेंगे। महेश पेड़ीवाल पर तंज- ‘चाणक्य नीति को चिमटे से छूना पसंद नहीं’ भाजपा नेता महेश पेड़ीवाल पर निशाना साधते हुए मूंदड़ा ने कहा- महेश पेड़ीवाल की चाणक्य नीति को मैं चिमटे से छूना पसंद नहीं करता। सभी को पता है कि वे किस तरह की राजनीति करते हैं और किस तरह की बात करते हैं। जगदीश जांदू के समय में महेश पेड़ीवाल ने अपने लिए गड्ढा तैयार किया था और खुद ही गिर गए।