डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के सीएम विजय ने विधानसभा को रील बनाने की जगह बना दिया है। अपनी नाकाम प्रशासन व्यवस्था छिपाने के लिए विजय रील पोस्ट कर पूरी पीढ़ी को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आपातकाल के दौरान जेल में हुई मारपीट का जिक्र करते हुए कहा कि उनका जबड़ा टूट गया था और आज भी शरीर पर पिटाई के निशान हैं। स्टालिन ने गुरुवार को एक्स पर वीडियो जारी कर ये बातें कहीं। दरअसल, विजय ने 7 सितंबर को विधानसभा में आपातकाल और मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट 1971 (MISA) के तहत हुई गिरफ्तारियों का जिक्र किया था। इस दौरान उन्होंने हाथ को जबड़े के पास ले जाया था। डीएमके ने इस इशारे को स्टालिन के जबड़े की चोट से जोड़कर देखा था। स्टालिन बोले- विजय ने जो कहा वह सही है झूठ नहीं, 6 मुख्य बातें… जबड़े वाले विवाद पर CM विजय बोले- जानबूझकर नहीं किया विजय ने 8 सितंबर को हाथ से किए गए इशारे को लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया था। विजय के इशारे को लेकर सरकार को बाहर से समर्थन दे रही CPM ने कहा कि इशारा पूर्व CM एमके स्टालिन की बॉडी-शेमिंग है। वहीं विपक्षी DMK ने आरोप लगाया कि विजय ने आपातकाल के दौरान गिरफ्तारियों का मजाक उड़ाया है। स्टालिन को आपातकाल के दौरान 1976 में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि पुलिस हिरासत में उन पर हमला हुआ था, जिससे उनका जबड़ा टूट गया था। पूरी खबर पढ़ें… एमके स्टालिन की 1976 की गिरफ्तारी और जबड़ा टूटना 1976 में इमरजेंसी के दौरान, एमके स्टालिन को MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था। स्टालिन ने अपनी आत्मकथा में बताया कि चेन्नई सेंट्रल जेल में पुलिस हिरासत के दौरान उन्हें बेरहमी से पीटा गया था। इस कारण उनका जबड़ा टूट गया था। बॉडी-शेमिंग क्या है? बॉडी-शेमिंग का अर्थ किसी व्यक्ति के शारीरिक आकार, वजन, रंग या बनावट को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना या उसका मजाक उड़ाना है। यह एक प्रकार की हिंसा है जो व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है, जिससे उसे शर्मिंदगी, तनाव और हीन भावना महसूस हो सकती है। -------------- ये खबर भी पढ़ें… CM विजय बोले-महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं करूंगा:मेरी जीत के पीछे महिलाएं हीं; उदयनिधि स्टालिन ने एक्ट्रेस तृषा पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी तमिलनाडु के सीएम विजय ने विधानसभा में कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…