शहर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में नंबर-1 बनाने के लक्ष्य को लेकर नगर परिषद ने अब सुबह से ही निगरानी और कार्रवाई शुरू कर दी है। सभापति सुशीला गुप्ता के लगातार वार्ड निरीक्षण के बाद बुधवार को उपसभापति अनिल पटेल ने भी सफाई व्यवस्था की कमान संभाली। वे सुबह करीब 6 बजे अचानक नगर परिषद की सफाई शाखा पहुंचे और कर्मचारियों की हाजिरी ली। इसके बाद एक-एक कर्मचारी से उसके निर्धारित वार्ड और सफाई क्षेत्र की जानकारी ली। ड्यूटी पर नहीं मिले कर्मचारियों की अनुपस्थिति दर्ज की गई। वहीं, सफाई निरीक्षकों और जमादारों से वार्डवार सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। कर्मचारी सिर्फ सफाईकर्मी नहीं, स्वच्छता के प्रेरक हैं उपसभापति पटेल ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर की स्वच्छता व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रत्येक कर्मचारी तय समय और तय स्थान पर पहुंचकर पूरी जिम्मेदारी से काम करे। वार्ड पार्षदों के साथ समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं कचरा या गंदगी जमा नहीं हो। सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुराने कीर्तिमानों से आगे बढ़कर देश में पहचान बनाने का लक्ष्य पटेल ने कहा कि डूंगरपुर ने स्वच्छता के क्षेत्र में पहले कई कीर्तिमान हासिल किए हैं। अब लक्ष्य शहर को देश में स्वच्छता के मामले में अलग पहचान दिलाने का है। इसके लिए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, निरीक्षकों, जमादारों और सफाई कर्मचारियों को टीम भावना से काम करना होगा। आमजन को भी अभियान से जोड़कर स्वच्छता को जनआंदोलन बनाया जाएगा। जल्द दूर होगी कर्मचारियों की कमी उपसभापति ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की कमी को भी जल्द दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की भर्ती प्रक्रिया से कर्मचारियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे वार्डों में सफाई व्यवस्था और मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि सभापति सुशीला गुप्ता भी लगातार वार्डों में पहुंचकर मौके पर सफाई व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। अब नगर परिषद का फोकस नियमित सफाई, सख्त निगरानी और बेहतर परिणाम पर है।