विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की ओर से एनसीईआरटी नई दिल्ली व आईआईटी वाराणसी के सहयोग से शुरू किए गए अनुभवात्मक अध्यापक विकास कार्यक्रम के तहत तमिलनाडु, पांडिचेरी व गुजरात से आए शिक्षकों ने केशर देवी सोती आदर्श विद्या मंदिर स्कूल में भारतीय शिक्षा मॉडल की जानकारी ली। शिक्षकों ने स्कूल की भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कार आधारित दिनचर्या और गतिविधि आधारित शिक्षण व्यवस्था का अवलोकन किया। कक्षा अवलोकन सत्र में विज्ञान प्रयोगशाला, बगीचा, क्रीड़ांगण, आदर्श घर, तरणताल, चिड़ियाघर, वस्तु संग्रहालय, कार्यशाला, कला शाला एवं चित्र पुस्तकालय जैसी व्यवस्थाओं को देखा। अभिभावकों से संवाद कर संस्कार आधारित शिक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की जानकारी ली। प्रतिभागियों ने पंचपदी, पंचमुखी शिक्षा और शिशु वाटिका की 12 व्यवस्थाओं को भारतीय शिक्षा परंपरा का जीवंत स्वरूप बताया। प्रधानाचार्य किशनलाल सैनी ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य समग्र और शिक्षा में नए आयाम जोड़ना है। इस मौके पर पितृकुल फाउंडेशन के सुरेश कुमार शर्मा, प्रधानाचार्य विक्रम नाथावत, प्रभुदयाल प्रजापत, पार्वती शर्मा, मंजुलता तंवर, बाबूलाल प्रजापत आदि उपस्थित थे।