वीर तेजाजी की जन्मस्थली खरनाल में तेजा दशमी के अवसर पर लगने वाले मेले को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है। मुंदियाड़ से पैदल और वाहनों के जरिए श्रद्धालुओं के खरनाल पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। शनिवार रात गणेश मंदिर और ब्रह्माणी माता मंदिर में भजन संध्या होगी। वहीं रविवार को मुख्य मेला भरेगा। मेले में नागौर सहित आसपास के गांव-कस्बों के साथ देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले प्रवासी भी पहुंचेंगे। मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद, हैदराबाद, दिल्ली और कोलकाता में रहने वाले श्रद्धालु भी खरनाल पहुंच रहे हैं। मुंदियाड़ से खरनाल तक होगी 10 किमी मैराथन मेले के अवसर पर रविवार शाम मुंदियाड़ से खरनाल तक साइकिल रेस आयोजित होगी। इसके साथ ही युवाओं के लिए 10 किलोमीटर मैराथन भी होगी। वीर तेजा जाट जन्मस्थली संस्थान खरनाल के अध्यक्ष सुरजाराम खुडखुड़िया ने बताया- मैराथन में बड़ी संख्या में युवा भाग लेंगे। विजेताओं को मेला समिति की ओर से सम्मानित किया जाएगा। पानी-छाया और पार्किंग की व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर कमेटी की ओर से जगह-जगह पानी और छाया की व्यवस्था की गई है। वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की गई है। मेले में लगने वाली दुकानों की पहले ही बुकिंग हो चुकी है। मेले में तेजा गायन के साथ धर्मसभा का आयोजन भी होगा। पुलिस ने पार्किंग व्यवस्था का लिया जायजा मेले को लेकर नागौर सीओ जतिन जैन, सदर थाना अधिकारी किताब चौधरी और ट्रैफिक इंचार्ज ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मेला स्थल और धर्मसभा स्थल का जायजा लेकर सुरक्षा व्यवस्था देखी। पुलिस ने श्रद्धालुओं से हाईवे पर एक तरफ पैदल चलने की अपील की है। धोती-कुर्ता और साफे में पहुंच रहे श्रद्धालु खरनाल पहुंचने वाले पैदल यात्रियों में खासा उत्साह नजर आ रहा है। श्रद्धालु धोती-कुर्ता और साफा पहनकर हाथों में छतरी लिए नाचते-गाते आगे बढ़ रहे हैं। कई जगह बड़े ट्रकों को सजाया गया है। इन ट्रकों पर सोफे लगाए गए हैं, जिन पर बुजुर्ग श्रद्धालु बैठकर यात्रा कर रहे हैं। युवा तेजा गायन और डीजे की धुन पर तेजाजी के भजन गाते हुए खरनाल पहुंच रहे हैं। मेले से पहले मुंदियाड़ से खरनाल तक श्रद्धालुओं की यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ उत्सव का माहौल बना रही है।