मेयर पद के लिए 21 सितंबर को भाजपा के 53, कांग्रेस के 23 और 4 निर्दलीय सहित कुल 80 पार्षद वोट डालेंगे। हालांकि, दोनों प्रमुख दलों में क्रॉस वोटिंग के खौफ के चलते साख दांव पर लगी है। भाजपा ने पार्षदों की सख्त नाकेबंदी कर रखी है, वहीं अब कांग्रेस के भी सभी 23 पार्षद बाड़ेबंदी में पहुंच गए हैं। इस बीच शनिवार को वार्ड 11 से जीते निर्दलीय पार्षद कमलेश बोराणा की भाजपा में एंट्री हो गई, जिन्हें जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ के नेतृत्व में सीधे रिसॉर्ट पहुंचाया गया। एक और निर्दलीय को साथ लाने की तैयारी है। वहीं, निजी अस्पताल में भर्ती वरिष्ठ पार्षद दिनेश भट्ट की छुट्टी कराकर पूर्व महापौर रजनी डांगी उन्हें रिसॉर्ट ले आईं। खास बात ये है कि राजसमंद विधायक दीप्ति माहेश्वरी के नेतृत्व में उदयपुर-नाथद्वारा मार्ग स्थित इसी रिसॉर्ट में राजसमंद के भी सभी भाजपा पार्षदों को ठहराया गया है। मेयर तय, डिप्टी मेयर के नाम पर भाजपा में गुटबाजी पारस सिंघवी को महापौर प्रत्याशी बनाकर नामांकन दाखिल कराया जा चुका है, पर सूत्रों के मुताबिक डिप्टी मेयर के नाम पर भाजपा अंतिम समय तक पत्ते नहीं खोलेगी। इस दौड़ में दिनेश भट्ट, डॉ. पंकज बोराणा और डॉ. कविता जोशी के नाम सबसे आगे हैं, जबकि एक धड़ा योगेश कुमावत व आशीष कोठारी का नाम आगे बढ़ा रहा है। जिलाध्यक्ष राठौड़ और मेयर प्रत्याशी सिंघवी नए व युवा चेहरे को मौका देना चाहते हैं। शहर विधायक ताराचंद जैन सहित वरिष्ठ नेता सबसे उम्रदराज पार्षद भट्ट के नाम पर मुहर लगवाने का प्रस्ताव अंदरखाने दे चुके हैं, जिसे ब्राह्मण मतदाताओं को साधने की कोशिश माना जा रहा है। क्रॉस वोटिंग का खौफ : भाजपा को पार्षदों के पाला बदलने का डर है। इसी कारण दो दिनों की सांवलियाजी व नाथद्वारा यात्रा के बाद शनिवार को पार्षदों को रिसॉर्ट से बाहर कदम भी नहीं निकालने दिया गया। भाजपा ने चारों निर्दलीयों से संपर्क साधकर मेयर व डिप्टी मेयर पदों के लिए समर्थन मांगा है। दूसरी ओर, कांग्रेस भी निर्दलीय पार्षदों के संपर्क में है। कांग्रेस से मेयर पद के लिए शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष फतेह सिंह की पत्नी डॉ. पूनम कुंवर राठौड़ (वार्ड 17 की नवनियुक्त पार्षद) मैदान में हैं।