एआई के दौर में जहां तस्वीरें और कलाकृतियां कुछ सेकंड में तैयार हो रही हैं, वहीं कलाकारों की कल्पनाशीलता और कूची से कैनवास पर उकेरी गई कला का आकर्षण अब भी बरकरार है। इसका जीवंत नजारा टोंक में चल रहे 20वें अंतरराष्ट्रीय कला पर्व ‘क्रेयान्स’ के दूसरे दिन देखने को मिला। देशभर से आए कलाकारों ने कैनवास पर धर्म, प्रकृति, सामाजिक सरोकार और मौजूदा परिस्थितियों को अपने-अपने नजरिए से रंगों में ढाला। कलाकारों की यह रचनात्मकता स्थानीय बाल कलाकारों के लिए भी सीखने का अवसर बनी। अंतरंग कला एवं एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी, टोंक एवं राजस्थान ललित कला अकादमी, जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 2 से 4 अक्टूबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय कला पर्व में देश के विभिन्न राज्यों से 200 से अधिक कलाकार भाग ले रहे हैं। नेपाल के दो कलाकार भी टोंक पहुंचे हैं, जबकि रूस के कई कलाकार ऑनलाइन माध्यम से कला पर्व से जुड़े हैं। रविवार को इसका समापन होगा। आयोजन समिति से जुड़े अब्दुल मंजिद, हनुमान सिंह खरेड़ा, पुष्पेंद्र जैन, शाहिद नकवी, पुरुषोत्तम सोनी, डॉ. साधना सिंह, महेंद्र चौधरी, महेंद्र वर्मा, जितेंद्र रघुवंशी, नरेंद्र साहू, अनिल शर्मा, उमेश साहू, शाइस्ता खान, प्रदीप जोनवाल, शैलेंद्र शर्मा, महेश जांगिड़, शेख यावर हबीब, पूनम डिग्रवाल, शिप्रा सक्सेना, गुरु दयाल कुमावत, सागर सोयल, अनामिका शर्मा, डालचंद, महेश गुर्जर आदि मौजूद रहे। क्रेयान्स का सफर वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। पिछले दो दशक से यह कला पर्व लगातार टोंक में देश-दुनिया के कलाकारों को एक साझा मंच उपलब्ध करा रहा है। इस दौरान भारत के विभिन्न राज्यों के साथ कई विदेशी कलाकार भी इसमें भाग ले चुके हैं। कला के आदान-प्रदान के इस मंच ने टोंक को कलाकारों के बीच अपनी पहचान दिलाई है। यहां कलाकार केवल अपनी कला प्रदर्शित नहीं करते, बल्कि एक-दूसरे की कला शैली, तकनीक और विचारों को भी समझते हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. हनुमान सिंह राजावत ने बताया कि इस बार रूस और नेपाल सहित पंजाब, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, बिहार और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के कलाकार शामिल हो रहे हैं। अलग-अलग विधाओं के कलाकार अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित कर रहे हैं। कैनवास से मूर्तिकला तक, कलाकारों को मिलेगा सम्मान : कार्यक्रम सचिव पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि कला पर्व में चित्रकला, मूर्तिकला सहित विभिन्न कला विधाओं में कलाकार अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर रहे हैं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों को अलग-अलग श्रेणियों में प्रथम, द्वितीय, तृतीय और सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे।