रोजीया कृषि भूमि, पुराना नाडोल मार्ग और नर्सी जाने वाला कच्चा रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से किसानों को परेशानी हो रही है। पंचायत राज आम चुनाव की नुक्कड़ सभाओं में ग्रामीण इस मुद्दे को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जता रहे हैं। ग्रामीण नेनाराम के अनुसार गांव की राजस्व भूमि का करीब 45% हिस्सा उपजाऊ कृषि भूमि है, लेकिन इस रास्ते के अलावा खेतों तक जाने का दूसरा विकल्प नहीं है। अंग्रेजी बबूल की झाड़ियों से मार्ग सिकुड़ रहा है। दोनों तरफ अतिक्रमण भी बढ़ रहा है। किसानों ने ग्रेवल सड़क निर्माण की मांग की है।